नयी दिल्ली, चार सितंबर दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे साइबर जालसाज गिरोह का भंड़ाफोड़ किया है जो ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी खातों और कंपनियों का इस्तेमाल करता था। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का संबंध 83 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की 89 शिकायतें से पाया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान सगरना चेतन सहरावत, शक्ति गुर्जर, धर्मेंद्र कुमार, तरुण, दीपक और गौरव कादियान के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के एक मामले की जांच के तहत एक संदिग्ध बैंक खाते का पता चला और जिसे लेकर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।
इस खाते का इस्तेमाल तेलंगाना, तमिलनाडु और महाराष्ट्र से धोखाधड़ी के पैसे प्राप्त करने में किया गया था। जांच में पता चला कि भोले-भाले लोगों को नौकरी या वेतन देने का झांसा देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए गए। बाद में इन खातों का इस्तेमाल ठगी से मिले पैसों को इधर-उधर करने के लिए किया गया।
दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘सहरावत गिरोह का सरगना है, जिसके तहत अन्य लोग काम करते हैं। आरोपियों ने धोखाधड़ी के पैसे प्राप्त करने, स्थानांतरित करने और निकालने के लिए अलग-अलग नामों से बैंक खाते और कंपनियां खोलीं।’’
पुलिस ने बताया कि लगभग 83.23 करोड़ रुपये की कुल 89 शिकायतें गिरोह से जुड़ी पाई गईं, जबकि समय पर कानूनी कार्रवाई करके 1.14 करोड़ रुपये की राशि निकालने पर रोक लगवाई गई। पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सहरावत कथित तौर पर थाईलैंड भाग गया और बाद में दुबई चला गया, जिसके बाद उसके खिलाफ लुक-आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया गया।
अधिकारी ने बताया कि उसे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया। तरुण ने भी कथित तौर पर दुबई भागने का प्रयास किया था और उसे एलओसी की मदद से मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 12 मोबाइल फोन, 109 चेक बुक, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, कंपनियों के पंजीकरण कागजात, पैन और अन्य पहचान दस्तावेज एवं नकद जमा करने वाली पर्चियां जब्त कीं।

