नयी दिल्ली, आठ सितंबर राष्ट्रीय राजधानी के सत्य निकेतन में इमारत ढहने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने 24 संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की है और सात अवैध ढांचों को सील किया है। मंगलवार तक के अद्यतन आंकड़ों से यह जानकारी प्राप्त हुई। रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को एमसीडी ने सात संपत्तियों को ध्वस्त किया और दो संपत्तियों को सील किया।
इसके अलावा, पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण के लिए 26 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए चार कारण बताओ नोटिस और 12 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए। यह कार्रवाई दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में रविवार को पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना के बाद की गई है, जिसमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना ने अवैध निर्माण के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है।
नगर निकाय को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उपायुक्त (दक्षिण) क्षेत्र समेत पांच इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को निगम ने अनधिकृत निर्माण के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत 17 संपत्तियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की और पांच अन्य संपत्तियों को सील किया। रिपोर्ट के अनुसार, एमसीडी ने आठ सितंबर को अनधिकृत निर्माण के लिए नौ कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए दो कारण बताओ नोटिस और 15 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए।
एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, निगम के सभी 12 जोन में कार्रवाई की गई है। विशेष रूप से लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोल बाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार में कार्रवाई की गई है। इनमें से ज्यादातर इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शीर्ष सरकारी और एमसीडी अधिकारियों के साथ बैठक की और अधिकारियों को पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास वाले इलाकों में निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए। खासतौर पर उन मकानों का निरीक्षण करने को कहा गया है, जिनमें प्रथम दृष्टया ऊंचाई और मंजिल संबंधी नियमों का उल्लंघन किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, एक से आठ सितंबर के बीच नगर निकाय ने 48 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 15 संपत्तियों को सील किया।
इसी अवधि के दौरान, निगम ने अनधिकृत निर्माण के लिए 90 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 124 कारण बताओ नोटिस और 66 तोड़फोड़ आदेश जारी किए। रिपोर्ट के अनुसार, संधू ने मुख्य सचिव को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि पीजी इलाकों में सभी इमारतों का संरचनात्मक ऑडिट एक सप्ताह के भीतर कराया जाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक जून से 31 अगस्त के बीच एमसीडी ने 959 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 456 संपत्तियों को सील किया।
इस अवधि के दौरान अनधिकृत निर्माण के लिए 1,461 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 590 कारण बताओ नोटिस और 687 तोड़फोड़ आदेश जारी किए गए। कुल मिलाकर, एक जून से आठ सितंबर के बीच एमसीडी ने 1,007 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 471 अन्य संपत्तियों को सील किया। रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि के दौरान अनधिकृत निर्माण के लिए कुल 1,551 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 714 कारण बताओ नोटिस और 753 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए।

