‘मेरे दादा ब्रह्मेश्वर मुखिया और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली मेरे आदर्श रहे हैं। मेरे दादा का सपना था कि घर में कोई एक बड़ा अधिकारी होना चाहिए। विराट कोहली क्रिकेट के लिए इतना मेहनत करते हैं कि वे 4 बजे सुबह उठकर प्रैक्टिस करते हैं। अपने क्रिकेट से वे देश को कई ट्रॉफी दिलाई है। वे क्रिकेट के लिए काफी मेहनत करते हैं। इंटरव्यू में मुझसे भारत और बांग्लादेश के संबंधों के बारे में सवाल किया गया था। इसी साल जनवरी में भोजपुर के भरत सिंह भारती को पद्मश्री अवॉर्ड मिला था, इस बारे में मुझसे सवाल किया गया था।’ रणवीर सेना के चीफ रहे दिवंगत ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा को UPSC में 301वीं रैंक मिली है। आकांक्षा की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई कहां से हुई? यूपीएससी के लिए वे किससे इन्सपायर हुईं? यूपीएससी की तैयारी के दौरान उनका शेड्यूल क्या रहता था? यूपीएससी क्रैक किए जाने को लेकर आकांक्षा के माता-पिता ने क्या कहा? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले आकांक्षी की दो तस्वीरें देखिए आकांक्षा का चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के लिए हुआ है। आकांक्षा भोजपुर जिले के अगिआंव प्रखंड के खोपीरा गांव की रहने वाली हैं। हालांकि, उनका परिवार आरा शहर के कतीरा मोहल्ले में रहता है। सीमित संसाधनों के बीच कड़ी मेहनत, लगन से हासिल किया मुकाम आकांक्षा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि मेरा जीवन बेहद सादगीपूर्ण रहा है और मैंने सीमित संसाधनों के बीच रहकर कड़ी मेहनत और लगन से ये मुकाम हासिल किया है। आकांक्षा ने कहा कि मेरे पिता कुमार इंदू भूषण सिंह किसान हैं और अखिल भारतीय राष्ट्रवादी किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जबकि मां रिंकू देवी हाउस वाइफ हैं। परिवार में एक छोटा भाई हर्ष भूषण भी है, जो छत्तीसगढ़ के कलिंगा में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। आकांक्षा की प्रारंभिक शिक्षा आरा के कैथोलिक मिशन स्कूल से हुई। पढ़ाई के दौरान वे हमेशा मेधावी छात्रा रहीं। उन्होंने साल 2017 में मैट्रिक की परीक्षा 80 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। इसके बाद वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट (विज्ञान) की परीक्षा में 81 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए वर्ष 2022 में इंग्लिश ऑनर्स से स्नातक की परीक्षा 64 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम श्रेणी में पास की। सफलता का पहला श्रेय मम्मी को, मेरे लिए काफी स्ट्रगल किया दैनिक भास्कर से आकांक्षा ने बोला कि अपना पहला श्रेय मम्मी को दूंगी। उन्होंने मेरे लिए पूरा स्ट्रगल किया है। मैंने नर्सरी से लेकर 12 वीं तक कैथोलिक हाई स्कूल से पढ़ाई पूरा की है। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अगस्त 2022 में दिल्ली चली गई और वही से कोचिंग और इसके अलावा 8 से 10 घंटे रेगुलर पढ़ाई कर इस मुकाम को हासिल किया है। आकांक्षा ने बताया कि मैं शुरू से ही आईएफएस अधिकारी बनना चाहती थी। मेरे प्रेरणा स्रोत बाबा स्वर्गीय ब्रह्मेश्वर मुखिया ही रहे हैं। उनका सपना था कि उनके घर से एक आईएएस निकले। मेरा सब्जेक्ट ऑप्शनल PSIR रहा है। अपाला मिश्रा ने मुझे बहुत मोटिवेट किया है। उन्होंने ने भी IFS की ज्वाइन किया है। उन्हें देखकर मैं काफी अच्छा लगता था। मुझे आईएफएस ज्वाइन कर देश की रिश्ते सुधारने थी। दूसरी बड़ी में मैं यूपीएससी पास किया है। 2024 में मैने पहला एग्जाम दिया था लेकिन क्लियर नहीं हुआ था। भोजपुर से भोजपुरी को लेकर पैनल ने पूछा सवाल आकांक्षा ने बताया कि इंटरव्यू में भोजपुर से भोजपुरी को लेकर एक सवाल पूछा गया था कि कला के क्षेत्र में किसे पद्म श्री पुरस्कार दिया गया है? मैंने जवाब दिया कि भोजपुर से भरत सिंह भारती जी को ये सम्मान मिला है। फिर उन्होंने मेरे फेवरेट क्रिकेटर के बारे में पूछा, तब मैंने विराट कोहली के बारे में बताया। आकांक्षा ने कहा कि मेरे दादा का सपना आज पूरा हुआ है। ब्रह्मेश्वर मुखिया मेरे दादा हैं, इससे बड़ा गर्व की बात कुछ और नहीं हो सकता। आज जहां भी होंगे, वहां काफी खुश होंगे। जब मेरे बाबा थे, तब मैं छठी क्लास में पढ़ती थी। वे भी मुझे बेसिक पढ़ाई की जानकारी देते थे। मुझे हमेशा भरोसा दिलाते थे कि लाइफ में तुम कुछ बड़ा करोगी। सुबह 4 उठाकर बाबा पढ़ाई करवाते थे। मैथ्स की तैयारी कराते थे। आकांक्षा के पिता बोले- मैं चाहता था कि बेटी IIT करे आकांक्षा के पिता इंदू भूषण ने कहा कि मेरी बेटी ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली है। ये काफी बड़ी खुशी है। मेरे पिता ब्रह्मेश्वर मुखिया कहते थे कि जो भी करना है, उसमें सबसे आगे रहना है। ये मैं अक्सर बेटी से कहता रहता था। मेरा जीवन संघर्ष में गुजरा है। मैंने इस संघर्ष में खुद को ढाल पाया। मैंने इसी बीच बेटी को काफी मोटिवेट भी किया। बेटी बचपन से पढ़ाई में तेज थी। 12वीं तक मैथ्स अच्छा रहा, 100 में से 100 लाती थी। बेटी घर के काम में भी हाथ बंटाती है। घर का ऐसा कोई काम नहीं है, जो बेटी नहीं कर पाती। मां रिंकू देवी बोलीं- बेटी की सफलता में बाबूजी का भी हाथ आकांक्षा की मां रिंकू देवी ने कहा कि मेरा सपना था कि बेटी अच्छा करे। मैं कहती थी कि बेटी तुम बीटेक कर लो, ताकि जल्दी से कमाओ, लेकिन बेटी ने कहा कि नहीं मुझे यूपीएससी ही करना है। काम के लिए भी मैं कहती थी, ये भी बोलती थी कि कुछ भी करोगी तो खाना तो बनाना ही पड़ेगा, तो बेटी कहती थी कि नहीं मैं कुछ ऐसा करूंगी कि खाना ही न बनाना पड़े। अकांक्षा की मां ने कहा कि पूरे परिवार को पैसे के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। लेकिन बाबूजी (ब्रह्मेश्वर मुखिया) की कृपा है। ‘मेरे दादा ब्रह्मेश्वर मुखिया और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली मेरे आदर्श रहे हैं। मेरे दादा का सपना था कि घर में कोई एक बड़ा अधिकारी होना चाहिए। विराट कोहली क्रिकेट के लिए इतना मेहनत करते हैं कि वे 4 बजे सुबह उठकर प्रैक्टिस करते हैं। अपने क्रिकेट से वे देश को कई ट्रॉफी दिलाई है। वे क्रिकेट के लिए काफी मेहनत करते हैं। इंटरव्यू में मुझसे भारत और बांग्लादेश के संबंधों के बारे में सवाल किया गया था। इसी साल जनवरी में भोजपुर के भरत सिंह भारती को पद्मश्री अवॉर्ड मिला था, इस बारे में मुझसे सवाल किया गया था।’ रणवीर सेना के चीफ रहे दिवंगत ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा को UPSC में 301वीं रैंक मिली है। आकांक्षा की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई कहां से हुई? यूपीएससी के लिए वे किससे इन्सपायर हुईं? यूपीएससी की तैयारी के दौरान उनका शेड्यूल क्या रहता था? यूपीएससी क्रैक किए जाने को लेकर आकांक्षा के माता-पिता ने क्या कहा? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले आकांक्षी की दो तस्वीरें देखिए आकांक्षा का चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के लिए हुआ है। आकांक्षा भोजपुर जिले के अगिआंव प्रखंड के खोपीरा गांव की रहने वाली हैं। हालांकि, उनका परिवार आरा शहर के कतीरा मोहल्ले में रहता है। सीमित संसाधनों के बीच कड़ी मेहनत, लगन से हासिल किया मुकाम आकांक्षा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि मेरा जीवन बेहद सादगीपूर्ण रहा है और मैंने सीमित संसाधनों के बीच रहकर कड़ी मेहनत और लगन से ये मुकाम हासिल किया है। आकांक्षा ने कहा कि मेरे पिता कुमार इंदू भूषण सिंह किसान हैं और अखिल भारतीय राष्ट्रवादी किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जबकि मां रिंकू देवी हाउस वाइफ हैं। परिवार में एक छोटा भाई हर्ष भूषण भी है, जो छत्तीसगढ़ के कलिंगा में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। आकांक्षा की प्रारंभिक शिक्षा आरा के कैथोलिक मिशन स्कूल से हुई। पढ़ाई के दौरान वे हमेशा मेधावी छात्रा रहीं। उन्होंने साल 2017 में मैट्रिक की परीक्षा 80 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। इसके बाद वर्ष 2019 में इंटरमीडिएट (विज्ञान) की परीक्षा में 81 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। आगे की पढ़ाई जारी रखते हुए वर्ष 2022 में इंग्लिश ऑनर्स से स्नातक की परीक्षा 64 प्रतिशत अंकों के साथ प्रथम श्रेणी में पास की। सफलता का पहला श्रेय मम्मी को, मेरे लिए काफी स्ट्रगल किया दैनिक भास्कर से आकांक्षा ने बोला कि अपना पहला श्रेय मम्मी को दूंगी। उन्होंने मेरे लिए पूरा स्ट्रगल किया है। मैंने नर्सरी से लेकर 12 वीं तक कैथोलिक हाई स्कूल से पढ़ाई पूरा की है। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अगस्त 2022 में दिल्ली चली गई और वही से कोचिंग और इसके अलावा 8 से 10 घंटे रेगुलर पढ़ाई कर इस मुकाम को हासिल किया है। आकांक्षा ने बताया कि मैं शुरू से ही आईएफएस अधिकारी बनना चाहती थी। मेरे प्रेरणा स्रोत बाबा स्वर्गीय ब्रह्मेश्वर मुखिया ही रहे हैं। उनका सपना था कि उनके घर से एक आईएएस निकले। मेरा सब्जेक्ट ऑप्शनल PSIR रहा है। अपाला मिश्रा ने मुझे बहुत मोटिवेट किया है। उन्होंने ने भी IFS की ज्वाइन किया है। उन्हें देखकर मैं काफी अच्छा लगता था। मुझे आईएफएस ज्वाइन कर देश की रिश्ते सुधारने थी। दूसरी बड़ी में मैं यूपीएससी पास किया है। 2024 में मैने पहला एग्जाम दिया था लेकिन क्लियर नहीं हुआ था। भोजपुर से भोजपुरी को लेकर पैनल ने पूछा सवाल आकांक्षा ने बताया कि इंटरव्यू में भोजपुर से भोजपुरी को लेकर एक सवाल पूछा गया था कि कला के क्षेत्र में किसे पद्म श्री पुरस्कार दिया गया है? मैंने जवाब दिया कि भोजपुर से भरत सिंह भारती जी को ये सम्मान मिला है। फिर उन्होंने मेरे फेवरेट क्रिकेटर के बारे में पूछा, तब मैंने विराट कोहली के बारे में बताया। आकांक्षा ने कहा कि मेरे दादा का सपना आज पूरा हुआ है। ब्रह्मेश्वर मुखिया मेरे दादा हैं, इससे बड़ा गर्व की बात कुछ और नहीं हो सकता। आज जहां भी होंगे, वहां काफी खुश होंगे। जब मेरे बाबा थे, तब मैं छठी क्लास में पढ़ती थी। वे भी मुझे बेसिक पढ़ाई की जानकारी देते थे। मुझे हमेशा भरोसा दिलाते थे कि लाइफ में तुम कुछ बड़ा करोगी। सुबह 4 उठाकर बाबा पढ़ाई करवाते थे। मैथ्स की तैयारी कराते थे। आकांक्षा के पिता बोले- मैं चाहता था कि बेटी IIT करे आकांक्षा के पिता इंदू भूषण ने कहा कि मेरी बेटी ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली है। ये काफी बड़ी खुशी है। मेरे पिता ब्रह्मेश्वर मुखिया कहते थे कि जो भी करना है, उसमें सबसे आगे रहना है। ये मैं अक्सर बेटी से कहता रहता था। मेरा जीवन संघर्ष में गुजरा है। मैंने इस संघर्ष में खुद को ढाल पाया। मैंने इसी बीच बेटी को काफी मोटिवेट भी किया। बेटी बचपन से पढ़ाई में तेज थी। 12वीं तक मैथ्स अच्छा रहा, 100 में से 100 लाती थी। बेटी घर के काम में भी हाथ बंटाती है। घर का ऐसा कोई काम नहीं है, जो बेटी नहीं कर पाती। मां रिंकू देवी बोलीं- बेटी की सफलता में बाबूजी का भी हाथ आकांक्षा की मां रिंकू देवी ने कहा कि मेरा सपना था कि बेटी अच्छा करे। मैं कहती थी कि बेटी तुम बीटेक कर लो, ताकि जल्दी से कमाओ, लेकिन बेटी ने कहा कि नहीं मुझे यूपीएससी ही करना है। काम के लिए भी मैं कहती थी, ये भी बोलती थी कि कुछ भी करोगी तो खाना तो बनाना ही पड़ेगा, तो बेटी कहती थी कि नहीं मैं कुछ ऐसा करूंगी कि खाना ही न बनाना पड़े। अकांक्षा की मां ने कहा कि पूरे परिवार को पैसे के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। लेकिन बाबूजी (ब्रह्मेश्वर मुखिया) की कृपा है।


