Daadi Ki Shaadi Box Office Collection: पहले दी दिन नीतू कपूर की ‘दादी की शादी’ की सिट्टी-पिट्टी हुई गुम, लाखों में सिमटी कमाई

Daadi Ki Shaadi Box Office Collection: पहले दी दिन नीतू कपूर की ‘दादी की शादी’ की सिट्टी-पिट्टी हुई गुम, लाखों में सिमटी कमाई

Daadi Ki Shaadi Box Office Collection Day 1: नीतू कपूर और कपिल शर्मा की फिल्म ‘दादी की शादी‘ 8 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। फिल्म को मिला जुला रिव्यू मिला है। हालांकि फैमिली ड्रामा कंटेंट को हमेशा पसंद ही किया जाता है। बावजूद इसके फिल्म ने पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन कुछ खास परफॉर्म नहीं किया है। फिल्म ने ओपनिंग डे पर कितने पैसे कमाए, चलिए जानते हैं।

पहले ही दिन लाखों में सिमटी फिल्म की कमाई (Daadi Ki Shaadi Box Office Collection Day 1)

सैकनिल्क के आंकड़ों के मुताबिक फिल्म ने ओपनिंग डे पर सिर्फ 60 लाख की ही कमाई की है। वहीं ग्रॉस कलेक्शन की बात करें इसने 72 लाख का आंकड़ा छुआ है। फिल्म में कपिल शर्मा, नीतू कपूर, रिद्धिमा कपूर साहनी जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं। इस फिल्म को पहले दिन कुल 1789 शोज मिले थे। फिलहाल रितेश देशमुख की ‘राजा शिवाजी’ और अक्षय कुमार की भूत बंगला भी सिनेमाघरों में लगी हुई है। इसके अलावा रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ के थोड़े बहुत शोज अब भी चल रहे हैं।

फिल्म की कहानी (Daadi Ki Shaadi Movie Review)

सबसे पहले फिल्म की कहानी की बात करें तो हम और आपके जैसा ही एक नॉर्मल परिवार दिखाया गया है। एक आम परिवार की ही तरह हर कोई एक दूसरे से अलग-अलग विचार रखता है। हालांकि भूचाल तब आ जाता है जब अचानक परिवार को पता चलता है कि दादी दोबारा शादी करना चाहती है। इसके बाद वहीं हर कोई अपना-अपना अलग विचार रखता है। कोई मजाक उड़ाता है तो कोई समर्थन करता है।

कहानी में बड़ी ही खूबसूरती के साथ परिवार में नजर आने वाले प्यार, क्लेश और अपनेपन को दिखाया हुआ है। फिल्म रिश्तों की अहमियत के साथ-साथ ये भी सिखा जाती है कि प्यार किसी भी उम्र में किया जा सकता है। जीवनसाथी किसी भी उम्र में मिल सकता है।

फिल्म का निर्दशन (Daadi Ki Shaadi Movie Review)

अब बात करें निर्देशन की तो इस फिल्म में बेहद ही साधारण और सिंपल तरीके से अपनी बात कहने को कोशिश करते हैं जो सीधे दर्शकों के दिलों तक पहुंच जाती है। आपको इस फिल्म को देखते वक्त ना तो ज्यादा दिमाग लगाने की जरूरत होती है। बस सीधे-सीधे दिल से हर एक सीन से जुड़ाव महसूस होता है।

डायरेक्टर जो इस फिल्म के साथ करना चाहते थे उसमें पूरी तरह से कामयाब नजर आते हैं। हालांकि फिल्म के दूसरे हिस्से में ऐसा लगता है कि कहानी थोड़ी ज्यादा खिंच गई है। कुछ सीन लंबे भी लगते हैं लेकिन इमोशन्स और कनेक्शन साफ महसूस किया जा सकता है।

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