Crude Oil Price Fall: होर्मुज में बढ़ी Supply और US-Iran Tension के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी नरमी

Crude Oil Price Fall: होर्मुज में बढ़ी Supply और US-Iran Tension के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी नरमी
तेल बाजार में शुक्रवार को एक बार फिर नरमी देखने को मिली है। कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट रही और दोनों प्रमुख मानक साप्ताहिक नुकसान की ओर बढ़ते दिखे। बाजार में मुख्य नजर ईरान से निकलने वाले तेल की मात्रा और होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही पर बनी हुई है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में गतिरोध ने अनिश्चितता बनाए रखी है।
शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल 52 सेंट यानी करीब 0.6 प्रतिशत गिरकर 89.18 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट कच्चे तेल की कीमत में 1.01 डॉलर यानी 1.2 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 82.52 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। सप्ताह के आधार पर ब्रेंट में करीब 5.5 प्रतिशत और डब्ल्यूटीआई में लगभग 5.2 प्रतिशत की गिरावट आने की संभावना है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, बाजार को होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल की आवाजाही में आई कुछ बढ़ोतरी ने उम्मीद से ज्यादा राहत दी है। रिस्टैड के विश्लेषक जेनिव शाह के मुताबिक, ईरान-ओमान समुद्री गलियारे से बढ़ी आपूर्ति और अमेरिका की ओर से समुद्री मार्ग से बारूदी सुरंगें हटाने संबंधी दावों ने बाजार को चौंकाया है। उनका कहना है कि जलडमरूमध्य से निकलने वाली उपलब्ध मात्रा और आपूर्ति बढ़ने की गति इस सप्ताह कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह हो सकती है।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। युद्ध से पहले दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती थी। ऐसे में यहां आवाजाही बाधित होने पर वैश्विक बाजार में कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।
हालांकि, इस मार्ग से तेल और अन्य वस्तुओं की आवाजाही अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। प्रारंभिक जहाजरानी आंकड़ों के मुताबिक गुरुवार को केवल सात मालवाहक जहाज होर्मुज से गुजरे, जबकि एक दिन पहले यह संख्या 17 थी। पिछले दस दिनों का औसत करीब 15 जहाज प्रतिदिन रहा है। दूसरे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग बाब-अल-मंदेब से गुरुवार को 17 मालवाहक जहाज गुजरे।
गोल्डमैन सैक्स के अनुमान के मुताबिक खाड़ी क्षेत्र से हालिया तेल निर्यात करीब 1.5 से 1.6 करोड़ बैरल प्रतिदिन है। यह युद्ध से पहले के स्तर से 70 से 80 लाख बैरल प्रतिदिन कम है, लेकिन मार्च में दर्ज सबसे निचले स्तर से 50 से 60 लाख बैरल प्रतिदिन ज्यादा है।
इस बीच अमेरिका ने इस सप्ताह ईरान पर अब तक के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। ईरान ने इन्हें अमानवीय और शत्रुतापूर्ण कदम बताया है। मध्यस्थ देश होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य आवाजाही बहाल कराने के प्रयास तेज कर रहे हैं। कतर के एक दूत के साथ बातचीत के बाद ईरान ने सामान्य समुद्री यातायात बहाल करने के लिए अपनी शर्तों की सूची तैयार करने पर सहमति जताई है।
तेल बाजार पर वेनेजुएला से जुड़ी गतिविधियों का भी असर पड़ सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन वेनेजुएला के तेल भंडार के एक हिस्से तक लंबे समय के लिए पहुंच सुनिश्चित करने के लिए समझौते पर बातचीत कर रहा है। इससे भविष्य में अमेरिका के लिए तेल आयात की लागत कम होने की संभावना जताई जा रही है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक वेनेजुएला तेल निर्यातक देशों के संगठन से बाहर निकलने पर भी विचार कर रहा है।
दूसरी ओर, रूस और यूक्रेन के बीच तनाव बढ़ने से बाजार की चिंता बनी हुई है। रूस ने ब्रिटेन की ओर से उपलब्ध कराई गई लंबी दूरी की मिसाइलों से यूक्रेन के हमलों के बाद ब्रिटिश सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसी बीच यूक्रेन ने रूस के यारोस्लाव क्षेत्र में एक तेल शोधन संयंत्र को निशाना बनाने का दावा किया है।
बता दें कि तेल बाजार में इस समय आपूर्ति, समुद्री मार्गों की सुरक्षा, अमेरिका-ईरान संबंध और युद्ध से जुड़े घटनाक्रम एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। इसलिए होर्मुज से तेल की आवाजाही में मामूली बदलाव भी आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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