Credit Card Tips: आज के डिजिटल दौर में एक छोटी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। क्रेडिट कार्ड खोना या चोरी होना सिर्फ एक कार्ड खोना नहीं है, बल्कि यह आपकी मेहनत की कमाई पर खतरा है। अगर समय रहते संभल गए तो नुकसान से बच सकते हैं, वरना चंद मिनटों में बैंक खाते साफ होने में देर नहीं लगती।
तुरंत लें एक्शन
कार्ड गायब होते ही पहला काम है उसे तुरंत ब्लॉक करना। देर की तो खेल खत्म। आप तीन तरीकों से अपना कार्ड ब्लॉक करा सकते हैं। बैंक के मोबाइल ऐप से, इंटरनेट बैंकिंग से और कस्टमर केयर पर कॉल करके आप ऐसा कर सकते हैं। एक मिनट भी बर्बाद न करें। जितनी जल्दी कार्ड ब्लॉक होगा, उतना ही सुरक्षित आपका पैसा रहेगा।
हर ट्रांजैक्शन पर नजर रखें
कार्ड ब्लॉक हो गया, तो भी चैन से न बैठें। अपने SMS, ईमेल और बैंक ऐप की हिस्ट्री खंगालें। देखें कि कहीं कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन तो नहीं हुआ। आखिरी बार आपने कहां और कब कार्ड इस्तेमाल किया था, उसे याद करें और मिलान करें।
बैंक को तुरंत सूचना दें
मामले को हल्के में न लें। बैंक में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराएं और शिकायत नंबर जरूर लें। यह नंबर आगे चलकर आपके काम आएगा, खासकर अगर मामला विवाद तक पहुंचता है।
लिखित शिकायत करें और उसकी कॉपी संभालकर रखे।
गलत ट्रांजैक्शन दिखे तो क्या करें
अगर कोई अनधिकृत लेनदेन नजर आता है, तो तुरंत डिस्प्यूट दर्ज करें। अक्सर बैंकों की पॉलिसी में “जीरो या लिमिटेड लायबिलिटी” होती है, लेकिन इसका फायदा तभी मिलता है जब आप समय पर रिपोर्ट करें। अपने डिजिटल अकाउंट भी सुरक्षित करें। सिर्फ कार्ड ब्लॉक करना काफी नहीं है। अपने डिजिटल पेमेंट अकाउंट्स के पासवर्ड बदलें, PIN और पासकोड अपडेट करें। साथ ही टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें। ध्यान रखें कि चोर सिर्फ कार्ड तक नहीं, बल्कि आपकी पूरी डिजिटल पहचान तक पहुंच सकता है।
नया कार्ड जरूर मंगवाएं
पुराना कार्ड ब्लॉक होने के बाद नया कार्ड अप्लाई करें। नया नंबर और नया सिक्योरिटी कोड जरूरी है। जब तक पुराना मामला पूरी तरह सुलझ न जाए, नया कार्ड एक्टिव न करें।
FIR करना मत भूलिए
अगर कार्ड चोरी हुआ है, तो नजदीकी थाने में FIR दर्ज कराना बेहद जरूरी है। एफआईआर की कॉपी आपके लिए बैंक विवाद, इंश्योरेंस क्लेम और कानूनी मामलों में ढाल का काम करेगी। इसकी कॉपी संभालकर रखें।


