भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने रविवार को ब्रिक्स घोषणापत्र का स्वागत करते हुए कहा कि इस समूह को अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण, लोकतांत्रिक और न्यायसंगत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की दिशा में प्रयासों का नेतृत्व करना चाहिए। भाकपा महासचिव डी. राजा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में ‘ग्लोबल साउथ’ की अधिक भागीदारी का आह्वान तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक में सुधार इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राजा ने एक बयान में कहा, ‘‘निर्णय लेने वाली संस्थाओं में भारत और अन्य विकासशील देशों को शामिल करने के प्रयासों को और अधिक तत्परता से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।’’
राजा ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के इतर भारत-चीन संबंधों में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे भाकपा के इस लंबे समय से चले आ रहे रुख को मजबूती मिली है कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए किया जाना चाहिए।
भाकपा ने पश्चिम एशिया में जारी हिंसा को लेकर ब्रिक्स देशों द्वारा जताई गई ‘‘स्पष्ट चिंता’’ तथा गाजा में तत्काल संघर्षविराम के आह्वान का भी स्वागत किया।

