नालंदा में महादलित टोलों में बनेंगे सामुदायिक भवन:साल 2025 में कल्याण योजनाओं से लोगों को फायदा, पीड़ित परिवारों को मिला नियुक्ति पत्र

नालंदा में महादलित टोलों में बनेंगे सामुदायिक भवन:साल 2025 में कल्याण योजनाओं से लोगों को फायदा, पीड़ित परिवारों को मिला नियुक्ति पत्र

नालंदा जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2025 के दौरान कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए चलाई जा रही इन योजनाओं से जिले में एक नई उम्मीद की किरण जगी है। अत्याचार पीड़ितों को मिला रोजगार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज चार संवेदनशील मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने सराहनीय कदम उठाया है। बिंद, सिलाव, नूरसराय और नगरनौसा थानों में दर्ज इन मामलों में मृतकों के आश्रितों को कार्यालय परिचारी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया है। यह कदम न केवल पीड़ित परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि समाज में न्याय की भावना को भी मजबूत करता है। महादलित टोलों में बनेंगे सामुदायिक भवन वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत महादलित टोलों में सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाते हुए तीन चयनित स्थलों का प्रस्ताव मिशन निदेशालय को भेजा जा चुका है। मिशन निदेशालय ने निर्माण कार्य के लिए कार्य एजेंसी को आवंटन भी उपलब्ध करा दिया है। इन भवनों से महादलित समुदाय के लोगों को सामाजिक एकजुटता और आजीविका के नए अवसर मिलेंगे।
आवासीय विद्यालयों में शिक्षा की अलख बिहारशरीफ प्रखंड के महानंदपुर में संचालित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय मुढ़ारी, हरनौत में वर्तमान में 195 छात्र अध्ययनरत हैं। इन छात्रों को निशुल्क आवास, भोजन, शिक्षण सामग्री, वस्त्र और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। यह पहल समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी प्रकार, सिलाव प्रखंड के सब्बैत में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग बालिका आवासीय विद्यालय भी सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, जहां छात्राओं को समस्त सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। छात्रावासों का विस्तार इसलामपुर प्रखंड में डॉ. भीमराव अंबेडकर कल्याण छात्रावास में 100 छात्रों की क्षमता वाले भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में 98 छात्र यहां आवासित हैं और शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, बिहारशरीफ प्रखंड के राणा विगहा में पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास का निर्माण कार्य संपन्न हो गया है। 100 छात्रों की क्षमता वाले इस छात्रावास में नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जनवरी माह से छात्रों का आवासन प्रारंभ हो जाएगा। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार के मुताबिक, समाज के कमजोर वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारना प्रशासन की प्राथमिकता है। आने वाले समय में इन योजनाओं का और विस्तार किया जाएगा तथा अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जाएगा। नालंदा जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2025 के दौरान कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए चलाई जा रही इन योजनाओं से जिले में एक नई उम्मीद की किरण जगी है। अत्याचार पीड़ितों को मिला रोजगार अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज चार संवेदनशील मामलों में पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में जिला प्रशासन ने सराहनीय कदम उठाया है। बिंद, सिलाव, नूरसराय और नगरनौसा थानों में दर्ज इन मामलों में मृतकों के आश्रितों को कार्यालय परिचारी के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया है। यह कदम न केवल पीड़ित परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि समाज में न्याय की भावना को भी मजबूत करता है। महादलित टोलों में बनेंगे सामुदायिक भवन वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत महादलित टोलों में सामुदायिक भवन-सह-वर्कशेड निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना को आगे बढ़ाते हुए तीन चयनित स्थलों का प्रस्ताव मिशन निदेशालय को भेजा जा चुका है। मिशन निदेशालय ने निर्माण कार्य के लिए कार्य एजेंसी को आवंटन भी उपलब्ध करा दिया है। इन भवनों से महादलित समुदाय के लोगों को सामाजिक एकजुटता और आजीविका के नए अवसर मिलेंगे।
आवासीय विद्यालयों में शिक्षा की अलख बिहारशरीफ प्रखंड के महानंदपुर में संचालित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आवासीय विद्यालय मुढ़ारी, हरनौत में वर्तमान में 195 छात्र अध्ययनरत हैं। इन छात्रों को निशुल्क आवास, भोजन, शिक्षण सामग्री, वस्त्र और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। यह पहल समाज के वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी प्रकार, सिलाव प्रखंड के सब्बैत में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग बालिका आवासीय विद्यालय भी सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है, जहां छात्राओं को समस्त सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। छात्रावासों का विस्तार इसलामपुर प्रखंड में डॉ. भीमराव अंबेडकर कल्याण छात्रावास में 100 छात्रों की क्षमता वाले भवन का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में 98 छात्र यहां आवासित हैं और शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, बिहारशरीफ प्रखंड के राणा विगहा में पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास का निर्माण कार्य संपन्न हो गया है। 100 छात्रों की क्षमता वाले इस छात्रावास में नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जनवरी माह से छात्रों का आवासन प्रारंभ हो जाएगा। जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार के मुताबिक, समाज के कमजोर वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारना प्रशासन की प्राथमिकता है। आने वाले समय में इन योजनाओं का और विस्तार किया जाएगा तथा अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ पहुंचाया जाएगा।  

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