मुजफ्फरपुर में तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक आयुक्त कार्यालय सभागार में हुई, जिसका उद्देश्य सरकार की विकासात्मक और जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था। इसमें प्रमंडल के सभी जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त और अपर समाहर्ता सहित कई अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। आयुक्त ने सभी अधिकारियों को सरकारी दिशा-निर्देशों और मानकों के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया। आयुक्त ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता तक विकास योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है, इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करें। बैठक में विधि-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की बैठक में विधि-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए और उनकी सुरक्षा, संरक्षण और देखभाल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस दौरान आयुक्त ने महिला हेल्पलाइन, महिला थाना, महिला हेल्प डेस्क और गर्ल्स हॉस्टल के सुव्यवस्थित संचालन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्ल्स हॉस्टल का संचालन निर्धारित प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए। इसके लिए हॉस्टलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही, वहां कार्यरत कर्मियों को पहचान पत्र जारी किए जाएं और आगंतुकों के लिए विजिटर रजिस्टर का अनिवार्य रूप से संधारण किया जाए। हॉस्टलों का निरीक्षण करने का भी निर्देश इसके अलावा, हॉस्टलों में अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था रखने और संबंधित अधिकारियों की ओर से समय-समय पर हॉस्टलों का निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया गया। आयुक्त ने महिला थाना और महिला हेल्प डेस्क को सक्रिय रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाए और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि महिलाओं से संबंधित मामलों का नियमित फॉलोअप किया जाए और उनका समय पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। कॉफी टेबल बुक तैयार करने का आदेश बैठक के दौरान आयुक्त ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासनिक तत्परता और सजगता के साथ किए जा रहे सकारात्मक व प्रभावशाली कार्यों का दस्तावेजीकरण करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक कॉफी टेबल बुक तैयार की जाए, जिसमें महिला सुरक्षा से जुड़े सफल प्रयासों, नवाचारों और प्रभावी कार्रवाइयों को प्रदर्शित किया जाए। इससे प्रशासन की ओर से किए गए संवेदनशील एवं सक्रिय प्रयासों को जनमानस के समक्ष उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा।
उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारी औक अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को महिला थानों का नियमित निरीक्षण करने व थानावार पंजी संधारित करने का निर्देश दिया। साथ ही महिला से संबंधित मामलों की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
सरकार के समाज सुधार अभियान को गति देने के उद्देश्य से आयुक्त ने बाल विवाह एवं दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आईसीडीएस तथा जीविका के माध्यम से महिलाओं के बीच व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके लिए सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित करने तथा उसकी कार्यवाही का पंजी संधारित करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालन को लेकर सरकार द्वारा निर्धारित गाइडलाइन एवं मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच कराई जाए तथा अवैध रूप से संचालित केंद्रों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करने का आदेश
बैठक में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि वर्तमान वित्तीय साल में सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि सरकारी धन का उपयोग जनहित एवं विकास कार्यों में हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि उपलब्ध राशि समय पर खर्च हो और उसे वापस लौटाने की स्थिति उत्पन्न न हो।
गर्मी की आहट को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने सभी जिलों में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खराब पड़े चापाकलों का सर्वेक्षण कराने तथा मार्च माह के भीतर उनकी मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता को पेयजल की समस्या से बचाने के लिए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
इसके अतिरिक्त उन्होंने मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना के तहत प्रत्येक घर तक पहुंचाए गए नल-जल की आपूर्ति को नियमित एवं निर्बाध बनाए रखने का निर्देश दिया। आयुक्त ने कहा कि आगामी गर्मी को देखते हुए सभी जिलों में सर्वेक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि हर घर में शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति हो तथा किसी भी नागरिक को पानी के लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने जिलों में चापाकलों एवं नल-जल योजना की स्थिति की नियमित समीक्षा कर व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाए।
बैठक में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिया कि जिन पंचायत सरकार भवनों का निर्माण किया जा रहा है अथवा जिनका निर्माण पूरा हो चुका है, उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए तथा निर्माण कार्य में सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक टीम का गठन कर निर्माण कार्यों की जांच कराई जाए और जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए।
इसके अतिरिक्त आयुक्त ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्थापित सोलर लाइटों की कार्यशीलता बनाए रखने पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि बंद अथवा खराब पड़े सोलर लाइटों की पहचान कर उन्हें शीघ्र ठीक कराया जाए। साथ ही कार्यरत एवं अकार्यरत सोलर लाइटों की जांच के लिए टीम गठित कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
राजस्व एवं भूमि सुधार संबंधी कार्यों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने का निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि जमाबंदी कार्य सरकार की ओर से निर्धारित मानदंडों के अनुरूप किया जाए। साथ ही लैंड बैंक की व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा भू-अभिलेखों के डिजिटाइजेशन के कार्य को गति देने का निर्देश दिया। कृषि क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिया कि जरूरतमंद किसानों को उर्वरक उचित मूल्य पर ससमय उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने उर्वरक की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए छापेमारी अभियान तेज करने तथा दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की नियमित समीक्षा कर लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने तथा योजना की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।
पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में आयुक्त ने मनरेगा योजना के तहत वृक्षारोपण कार्यों को गति देने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी उप विकास आयुक्तों को निर्देश दिया कि वृक्षारोपण से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक प्रगति सुनिश्चित की जाए तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं। जिम्मेदारी के साथ काम करने का आदेश
बैठक के अंत में प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब सभी अधिकारी समन्वय, प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे जनहित को सर्वोपरि रखते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं और आम नागरिकों को सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करें। मुजफ्फरपुर में तिरहुत प्रमंडल के आयुक्त गिरिवर दयाल सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक आयुक्त कार्यालय सभागार में हुई, जिसका उद्देश्य सरकार की विकासात्मक और जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था। इसमें प्रमंडल के सभी जिलों के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, उप विकास आयुक्त और अपर समाहर्ता सहित कई अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। आयुक्त ने सभी अधिकारियों को सरकारी दिशा-निर्देशों और मानकों के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने पर जोर दिया। आयुक्त ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता तक विकास योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना है, इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करें। बैठक में विधि-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की बैठक में विधि-व्यवस्था की स्थिति की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जाए और उनकी सुरक्षा, संरक्षण और देखभाल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस दौरान आयुक्त ने महिला हेल्पलाइन, महिला थाना, महिला हेल्प डेस्क और गर्ल्स हॉस्टल के सुव्यवस्थित संचालन पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्ल्स हॉस्टल का संचालन निर्धारित प्रोटोकॉल और सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना चाहिए। इसके लिए हॉस्टलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही, वहां कार्यरत कर्मियों को पहचान पत्र जारी किए जाएं और आगंतुकों के लिए विजिटर रजिस्टर का अनिवार्य रूप से संधारण किया जाए। हॉस्टलों का निरीक्षण करने का भी निर्देश इसके अलावा, हॉस्टलों में अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था रखने और संबंधित अधिकारियों की ओर से समय-समय पर हॉस्टलों का निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया गया। आयुक्त ने महिला थाना और महिला हेल्प डेस्क को सक्रिय रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जाए और नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि महिलाओं से संबंधित मामलों का नियमित फॉलोअप किया जाए और उनका समय पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके। कॉफी टेबल बुक तैयार करने का आदेश बैठक के दौरान आयुक्त ने महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासनिक तत्परता और सजगता के साथ किए जा रहे सकारात्मक व प्रभावशाली कार्यों का दस्तावेजीकरण करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक कॉफी टेबल बुक तैयार की जाए, जिसमें महिला सुरक्षा से जुड़े सफल प्रयासों, नवाचारों और प्रभावी कार्रवाइयों को प्रदर्शित किया जाए। इससे प्रशासन की ओर से किए गए संवेदनशील एवं सक्रिय प्रयासों को जनमानस के समक्ष उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा।
उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारी औक अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को महिला थानों का नियमित निरीक्षण करने व थानावार पंजी संधारित करने का निर्देश दिया। साथ ही महिला से संबंधित मामलों की निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
सरकार के समाज सुधार अभियान को गति देने के उद्देश्य से आयुक्त ने बाल विवाह एवं दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में आईसीडीएस तथा जीविका के माध्यम से महिलाओं के बीच व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके लिए सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित करने तथा उसकी कार्यवाही का पंजी संधारित करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने अल्ट्रासाउंड सेंटरों के संचालन को लेकर सरकार द्वारा निर्धारित गाइडलाइन एवं मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समय-समय पर अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच कराई जाए तथा अवैध रूप से संचालित केंद्रों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। राशि का सदुपयोग सुनिश्चित करने का आदेश
बैठक में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि वर्तमान वित्तीय साल में सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि का सदुपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि सरकारी धन का उपयोग जनहित एवं विकास कार्यों में हो सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि उपलब्ध राशि समय पर खर्च हो और उसे वापस लौटाने की स्थिति उत्पन्न न हो।
गर्मी की आहट को ध्यान में रखते हुए आयुक्त ने सभी जिलों में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खराब पड़े चापाकलों का सर्वेक्षण कराने तथा मार्च माह के भीतर उनकी मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम जनता को पेयजल की समस्या से बचाने के लिए यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
इसके अतिरिक्त उन्होंने मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना के तहत प्रत्येक घर तक पहुंचाए गए नल-जल की आपूर्ति को नियमित एवं निर्बाध बनाए रखने का निर्देश दिया। आयुक्त ने कहा कि आगामी गर्मी को देखते हुए सभी जिलों में सर्वेक्षण कर यह सुनिश्चित किया जाए कि हर घर में शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति हो तथा किसी भी नागरिक को पानी के लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने जिलों में चापाकलों एवं नल-जल योजना की स्थिति की नियमित समीक्षा कर व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाए।
बैठक में पंचायत सरकार भवनों के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। आयुक्त ने निर्देश दिया कि जिन पंचायत सरकार भवनों का निर्माण किया जा रहा है अथवा जिनका निर्माण पूरा हो चुका है, उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए तथा निर्माण कार्य में सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक टीम का गठन कर निर्माण कार्यों की जांच कराई जाए और जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाए।
इसके अतिरिक्त आयुक्त ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में स्थापित सोलर लाइटों की कार्यशीलता बनाए रखने पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि बंद अथवा खराब पड़े सोलर लाइटों की पहचान कर उन्हें शीघ्र ठीक कराया जाए। साथ ही कार्यरत एवं अकार्यरत सोलर लाइटों की जांच के लिए टीम गठित कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।
राजस्व एवं भूमि सुधार संबंधी कार्यों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने का निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिया। उन्होंने कहा कि जमाबंदी कार्य सरकार की ओर से निर्धारित मानदंडों के अनुरूप किया जाए। साथ ही लैंड बैंक की व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा भू-अभिलेखों के डिजिटाइजेशन के कार्य को गति देने का निर्देश दिया। कृषि क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हुए आयुक्त ने निर्देश दिया कि जरूरतमंद किसानों को उर्वरक उचित मूल्य पर ससमय उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने उर्वरक की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए छापेमारी अभियान तेज करने तथा दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की नियमित समीक्षा कर लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने तथा योजना की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।
पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में आयुक्त ने मनरेगा योजना के तहत वृक्षारोपण कार्यों को गति देने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी उप विकास आयुक्तों को निर्देश दिया कि वृक्षारोपण से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा कर आवश्यक प्रगति सुनिश्चित की जाए तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाएं। जिम्मेदारी के साथ काम करने का आदेश
बैठक के अंत में प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि सरकार की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव है जब सभी अधिकारी समन्वय, प्रतिबद्धता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे जनहित को सर्वोपरि रखते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं और आम नागरिकों को सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ सुनिश्चित करें।


