मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (MDA) ने सिविल लाइंस एरिया में अकबर किले के पास संचालित एक कोचिंग इंस्टीट्यूट को सील करने की वार्निंग दी है। प्राधिकरण ने बिल्डिंग के मालिक को नोटिस भेजकर कहा है कि, बिल्डिंग का नक्शा कपड़ा शोरूम के लिए पास किया गया था। लेकिन स्वीकृत मानचित्र से इतर निर्माण करके बिल्डिंग स्वामी इमारत में कोचिंग इंस्टीट्यूट का संचालन करा रहा है। इस गैरकानूनी बताते हुए प्राधिकरण ने सील करने की चेतावनी जारी की है। वहीं, इसके जवाब में कोचिंग इंस्टीट़्यूट संचालक ने कहा है कि उसके इंस्टीट्यूट का उद्घाटन आला अफसरों और माननीयों ने किया था।
प्राधिकरण सचिव की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि, भवन ने गारमेंट शोरूम के रूप में मानचित्र पास कराया था। लेकिन इसके बाद स्वीकृत मानचित्र का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से साइड सेटबैक को कवर करते हुए अवैध निर्माण कर लिया गया। जिस पर एमडीए ने वाद दर्ज करके नोटिस भी जारी किया था। प्राधिकरण सचिव ने नोटिस में कहा है कि स्वीकृत उपयोग से इतर बिल्डिंग में कोचिंग सेंटर का संचालन किया जा रहा है। जिससे यहां जाम की स्थिति पैदा होती है। इसे लेकर स्थानीय लोगों से शिकायतें मिलने की बात भी प्राधिकरण सचिव की ओर से जारी नोटिस में कही गई है।
एमडीए सचिव की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि, अवैध रूप से स्कूल समय में कोचिंग इंस्टीट्यूट का संचालन किया जा रहा है और सड़क पर दर्जनों कोचिंग वाहन और निजी वाहन खड़े होने से दिल्ली-कांठ रोड पर जाम के हालात पैदा हो रहे हैं। प्राधिकरण ने कोचिंग इंस्टीट़्यूट को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं। चेतावनी दी है कि इसे किसी भी कार्यदिवस में सील कर दिया जाएगा। इस मामले में स्थानीय लोगों की ओर से अधिकारियों को बार-बार शिकायतें की जा रही हैं कि कोचिंग इंस्टीट्यूट के बाहर कोचिंग वाहनों और प्राइवेट वाहनों की कतारें लगी रहती हैं जिसकी वजह रोड पर जाम लगता है। इसके बाद मामले में अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। प्राधिकरण सूत्रों का कहना है कि नोटिस के जवाब में इंस्टीट्यूट संचालक ने लंबी चिट्ठी भेजी है। इसमें लिखा है कि जिस बिल्डिंग को प्राधिकरण अब अवैध बता रहा है उसी में उसके इंस्टीट्यूट का उद्घाटन आला अफसरों और माननीयों ने किया था। इतना ही नहीं इंस्टीट्यूट संचालक ने प्राधिकरण के नोटिस के जवाब में प्रधानमंत्री तक को चिट्ठी लिख भेजी है। सूत्रों का कहना है कि ये जवाब स्वीकार्य नहीं है क्योंकि नोटिस बिल्डिंग के मालिक को भेजा गया है और वही जवाब देने का अधिकारी है। उसकी एवज में इंस्टीट्यूट संचालक ने जवाब लिख भेजा है। इंस्टीट्यूट संचालक ने अपने बचाव में कहा है कि, उसके इंस्टीट्यूट के बाहर आने वाले वाहन न्यायाधीशों, माननीयों, अफसरों के भी होते हैं, जिनके बच्चे उसके कोचिंग में पढ़ने आते हैं।
उद्घाटन में शामिल रहे एक माननीय कहते हैं- हम तो दर्जनों उद्घाटनों में जाते हैं। क्या संचालक ने हमें उद्घाटन के इनविटेशन के साथ बिल्डिंग का मानचित्र भेजा था ? जाहिर है उद्घाटन में शामिल अधिकारियों और माननीयों को मानचित्र की जानकारी नहीं थी।
इस मामले में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष (VC) अनुभव सिंह का कहना है कि, मामले में नोटिस जारी किया गया है। प्रकरण में आगे की कार्रवाई की जा रही है।


