West Bengal CM Suvendu Adhikari On Tollywood: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सीएम पद की कुर्सी संभालते ही कई बड़े कदम उठाना शुरू कर दिया है। जिसमें से एक है बंगाली इंडस्ट्री को उसका पुराना गौरव वापस करना। गुरुवार को बंगाली सिनेमा के महानायक उत्तम कुमार की जन्म शताब्दी थी। इस दौरान सीएम सुवेंदु ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और बंगाली फिल्म उद्योग को राजनीतिक हस्तक्षेप से पूरी तरह मुक्त रखने का बड़ा वादा कर डाला।
CM सुवेंदु अधिकारी ने लिया बड़ा संकल्प
सुवेंदु अधिकारी ने यह ऐलान टॉलीगंज (टॉलीवुड) में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान किया। उन्होंने बंगाली सिनेमा के खोए हुए स्वर्णिम दौर और अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को फिर से वापस लाने का संकल्प भी दोहराया। गुरुवार सुबह सुवेंदु अधिकारी बंगाली सिनेमा के दिग्गज अभिनेताओं रणजीत मल्लिक, प्रसेनजीत चट्टोपाध्याय, देव और जीत के साथ टॉलीगंज पहुंचे थे। यहां सभी दिग्गजों ने एक साथ उत्तम कुमार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और महानायक को याद किया।
शाम के समय मुख्यमंत्री टॉलीवुड के अन्य चर्चित कलाकारों के साथ और आम जनता के बीच दिग्गज अभिनेता की याद में केक काटा। इस दौरान पूरा टॉलीगंज उत्तम कुमार के गीतों और यादों में डूबा दिखा।
“बंगाली सिनेमा की शान वापस लौटाएंगे”- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार बंगाली फिल्म जगत के विकास के लिए हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।
उन्होंने बंगाली फिल्मों की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, “एक समय था जब बंगाली फिल्में पूरे देश और दुनिया को रास्ता दिखाती थीं, लेकिन आज हर जगह दक्षिण भारतीय (साउथ) और बॉलीवुड फिल्मों की चर्चा होती है। हमें बंगाली सिनेमा की उस खोई हुई प्रतिष्ठा और गरिमा को हर हाल में वापस लाना होगा। इसके लिए अगर किसी नए कानून या विधेयक की जरूरत होगी, तो सरकार विधानसभा में संशोधन लाकर उसे पास कराएगी।”
राज्य में 6 जुलाई तक दिखाई जाएंगी उत्तम कुमार की फिल्में
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि महान अभिनेता की स्मृति को अमर बनाने के लिए कोलकाता में ‘उत्तम कुमार संस्थान’ (Uttam Kumar Institute) की स्थापना भी की जाएगी, जिसकी आधारशिला शुक्रवार सुबह रखी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि आज महान उत्तम कुमार के नाम ने पूरे फिल्म उद्योग को मतभेदों से ऊपर उठाकर एकजुट कर दिया है। सरकार की तरफ से 6 जुलाई तक राज्य के अलग-अलग सिनेमाघरों में उत्तम कुमार की अमर फिल्मों की खास स्क्रीनिंग भी रखी जाएगी।
गौरतलब है कि 3 सितंबर 1926 को ‘अरुण कुमार चटर्जी’ के रूप में जन्मे उत्तम कुमार ने अपने करियर में 200 से अधिक फिल्मों में काम किया और बंगाली संस्कृति पर एक अमिट छाप छोड़ी।

