बिहार में किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 38 किसान जागरूकता वाहनों और 2 ज्ञान वाहनों को हरी झंडी दिखाकर वासंतिक (रबी) महाअभियान-2026 की शुरुआत की। इन वाहनों के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और फसलों की पैदावार बढ़ाने की जानकारी दी जाएगी। वहीं, भागलपुर और कटिहार के बीच स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और सीमांचल तथा अंग क्षेत्र के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। 40 जागरूकता वाहनों से किसानों तक पहुंचेगी खेती की जानकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय से किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही राज्य में वासंतिक (रबी) महाअभियान-2026 की शुरुआत हो गई। इस अभियान के तहत कुल 40 वाहन राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर किसानों को खेती से जुड़ी जरूरी जानकारियां देंगे। इनमें 38 किसान जागरूकता वाहन और 2 ज्ञान वाहन शामिल हैं। इन वाहनों के जरिए किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं, आधुनिक खेती के तरीकों और फसलों की पैदावार बढ़ाने के उपायों के बारे में बताया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए जागरूक करना और सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ सही किसानों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही किसानों को खेती की नई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि उनकी लागत कम हो और आमदनी बढ़ाने में मदद मिले। गेहूं, मक्का और दलहन-तिलहन की उन्नत खेती पर जोर रबी महाअभियान के दौरान किसानों को गेहूं, मक्का, दलहन और तिलहन की बेहतर खेती करने के तरीके बताए जाएंगे। इसके साथ ही अच्छी गुणवत्ता वाले बीज और दूसरे कृषि उपादानों के इस्तेमाल तथा खेती का सही प्रबंधन करने की जानकारी दी जाएगी। किसानों को यह भी बताया जाएगा कि फसलों की बुआई से लेकर उनकी देखभाल तक वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर उत्पादन कैसे बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी। अभियान के तहत पात्र किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अनुदान उपलब्ध कराने की योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत खेतों में फसलों का प्रत्यक्षण कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। इसके अलावा प्रखंड स्तर पर अनुदानित दरों पर कृषि उपादान उपलब्ध कराने और किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र मुहैया कराने पर जोर दिया जाएगा। जीरो टिलेज से खेती की लागत कम करने की कोशिश रबी महाअभियान में गेहूं की खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए जीरो टिलेज और सीड ड्रिल मशीनों से बुआई को बढ़ावा दिया जाएगा। जीरो टिलेज ऐसी तकनीक है, जिसमें खेत की पारंपरिक जुताई किए बिना या बहुत कम जुताई के साथ फसल की बुआई की जाती है। वहीं, सीड ड्रिल मशीन की मदद से बीजों को सही दूरी और गहराई पर बोया जा सकता है। किसान मेला और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से बढ़ेगी जागरूकता किसानों तक खेती की नई तकनीकों की जानकारी पहुंचाने के लिए अभियान के दौरान कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें किसान मेला, किसान पाठशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम, कृषि परिभ्रमण, प्रक्षेत्र दिवस और किसान गोष्ठियां शामिल हैं। मिट्टी की जांच और ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल पर जोर रबी महाअभियान में केवल फसल उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और खेती को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। किसानों को मिट्टी की जांच कराने, उसकी जरूरत के अनुसार खाद और उर्वरकों का इस्तेमाल करने तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही प्राकृतिक और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने तथा कृषि कार्यों में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल की जानकारी भी दी जाएगी। भागलपुर-कटिहार के बीच स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को राहत दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर से कटिहार और कटिहार से भागलपुर के बीच स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन ट्रेनों के चलने से भागलपुर, कटिहार, मुंगेर, खगड़िया और नौगछिया समेत आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और रेल से यात्रा करना पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगा। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को भी इन स्पेशल ट्रेनों का लाभ मिलेगा। इससे अपने घर आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र में रेल संपर्क बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इन ट्रेनों के परिचालन की तारीख, समय और फेरों की संख्या की जानकारी इस संबंध में जारी बयान में नहीं दी गई है। सीमांचल और अंग क्षेत्र के बीच मजबूत होगा संपर्क मुख्यमंत्री ने कहा कि भागलपुर और कटिहार के बीच स्पेशल ट्रेनों के परिचालन से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। साथ ही सीमांचल और अंग क्षेत्र के बीच संपर्क और मजबूत होगा। बेहतर रेल संपर्क से आम यात्रियों के अलावा विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को भी फायदा मिलेगा। लोगों को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक आने-जाने में सुविधा होगी, जिससे व्यापारिक और अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में रेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। राज्य सरकार भी रेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाकर काम कर रही है। बिहार में किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 38 किसान जागरूकता वाहनों और 2 ज्ञान वाहनों को हरी झंडी दिखाकर वासंतिक (रबी) महाअभियान-2026 की शुरुआत की। इन वाहनों के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और फसलों की पैदावार बढ़ाने की जानकारी दी जाएगी। वहीं, भागलपुर और कटिहार के बीच स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और सीमांचल तथा अंग क्षेत्र के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। 40 जागरूकता वाहनों से किसानों तक पहुंचेगी खेती की जानकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय से किसान जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही राज्य में वासंतिक (रबी) महाअभियान-2026 की शुरुआत हो गई। इस अभियान के तहत कुल 40 वाहन राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर किसानों को खेती से जुड़ी जरूरी जानकारियां देंगे। इनमें 38 किसान जागरूकता वाहन और 2 ज्ञान वाहन शामिल हैं। इन वाहनों के जरिए किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं, आधुनिक खेती के तरीकों और फसलों की पैदावार बढ़ाने के उपायों के बारे में बताया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए जागरूक करना और सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ सही किसानों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही किसानों को खेती की नई तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि उनकी लागत कम हो और आमदनी बढ़ाने में मदद मिले। गेहूं, मक्का और दलहन-तिलहन की उन्नत खेती पर जोर रबी महाअभियान के दौरान किसानों को गेहूं, मक्का, दलहन और तिलहन की बेहतर खेती करने के तरीके बताए जाएंगे। इसके साथ ही अच्छी गुणवत्ता वाले बीज और दूसरे कृषि उपादानों के इस्तेमाल तथा खेती का सही प्रबंधन करने की जानकारी दी जाएगी। किसानों को यह भी बताया जाएगा कि फसलों की बुआई से लेकर उनकी देखभाल तक वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर उत्पादन कैसे बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए कृषि विभाग की ओर से विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी। अभियान के तहत पात्र किसानों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से अनुदान उपलब्ध कराने की योजनाओं के बारे में बताया जाएगा। कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत खेतों में फसलों का प्रत्यक्षण कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। इसके अलावा प्रखंड स्तर पर अनुदानित दरों पर कृषि उपादान उपलब्ध कराने और किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र मुहैया कराने पर जोर दिया जाएगा। जीरो टिलेज से खेती की लागत कम करने की कोशिश रबी महाअभियान में गेहूं की खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए जीरो टिलेज और सीड ड्रिल मशीनों से बुआई को बढ़ावा दिया जाएगा। जीरो टिलेज ऐसी तकनीक है, जिसमें खेत की पारंपरिक जुताई किए बिना या बहुत कम जुताई के साथ फसल की बुआई की जाती है। वहीं, सीड ड्रिल मशीन की मदद से बीजों को सही दूरी और गहराई पर बोया जा सकता है। किसान मेला और प्रशिक्षण कार्यक्रमों से बढ़ेगी जागरूकता किसानों तक खेती की नई तकनीकों की जानकारी पहुंचाने के लिए अभियान के दौरान कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें किसान मेला, किसान पाठशाला, प्रशिक्षण कार्यक्रम, कृषि परिभ्रमण, प्रक्षेत्र दिवस और किसान गोष्ठियां शामिल हैं। मिट्टी की जांच और ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल पर जोर रबी महाअभियान में केवल फसल उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और खेती को पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा। किसानों को मिट्टी की जांच कराने, उसकी जरूरत के अनुसार खाद और उर्वरकों का इस्तेमाल करने तथा संतुलित उर्वरक प्रबंधन अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही प्राकृतिक और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने तथा कृषि कार्यों में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल की जानकारी भी दी जाएगी। भागलपुर-कटिहार के बीच स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को राहत दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भागलपुर से कटिहार और कटिहार से भागलपुर के बीच स्पेशल ट्रेनों के परिचालन की व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन ट्रेनों के चलने से भागलपुर, कटिहार, मुंगेर, खगड़िया और नौगछिया समेत आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और रेल से यात्रा करना पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होगा। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को भी इन स्पेशल ट्रेनों का लाभ मिलेगा। इससे अपने घर आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र में रेल संपर्क बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, इन ट्रेनों के परिचालन की तारीख, समय और फेरों की संख्या की जानकारी इस संबंध में जारी बयान में नहीं दी गई है। सीमांचल और अंग क्षेत्र के बीच मजबूत होगा संपर्क मुख्यमंत्री ने कहा कि भागलपुर और कटिहार के बीच स्पेशल ट्रेनों के परिचालन से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। साथ ही सीमांचल और अंग क्षेत्र के बीच संपर्क और मजबूत होगा। बेहतर रेल संपर्क से आम यात्रियों के अलावा विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को भी फायदा मिलेगा। लोगों को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक आने-जाने में सुविधा होगी, जिससे व्यापारिक और अन्य गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में रेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। राज्य सरकार भी रेल सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए केंद्र सरकार के साथ लगातार समन्वय बनाकर काम कर रही है।

