CM बोले- लाड़ली बहना बहुत महंगी पड़ गई:बुंदेली समागम में कहा- मुझे क्या पता मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है

CM बोले- लाड़ली बहना बहुत महंगी पड़ गई:बुंदेली समागम में कहा- मुझे क्या पता मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है

तुमको मालूम नहीं, लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई। यह कहना है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का। वे रविवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित बुंदेली समागम में शामिल हुए थे। इस दौरान छतरपुर की बुंदेली कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी ने उनसे पूछा कि आपने अपनी जिज्जियों (बहनों) के लिए तो बहुत कुछ किया है, लेकिन जिज्जियों (बहनों) की बिन्नुओं (बेटियों) के लिए क्या करना चाहते हैं? इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने मजाकिया लहजे में जवाब दिया। कार्यक्रम में फिल्म अभिनेता मुकेश तिवारी के अलावा बड़ी संख्या में बुंदेली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स पहुंचे थे। इस दौरान बुंदेलखंडी कंटेंट क्रिएटर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने मुख्यमंत्री से संवाद किया और उनसे अलग-अलग सवाल पूछे। बहनों के लिए कोई तकलीफ नहीं सीएम ने आगे कहा- बिन्नू, ये बड़ी अंदर की बात है। मुझे क्या मालूम था कि मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है। लेकिन हमने कहा, हमारी बहनों के लिए कोई तकलीफ नहीं है। एक हजार से यात्रा चालू हुई। उस समय शुरुआत में बहुत कठिनाई थी, लेकिन अभी डेढ़ हजार तक दे रहे हैं, चिंता मत करो। अभी लाड़ली बहना लायक तुम छोटी हो, थोड़ी और बड़ी हो जाओ, फिर दे देंगे। कोई एक समस्या 24 घंटे में हल करनी हो तो? कार्यक्रम में एक युवा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि अगर बुंदेलखंड के युवाओं की कोई एक समस्या 24 घंटे में हल करनी हो तो क्या करेंगे? सीएम ने कहा- बुंदेलखंड की समस्या और 24 घंटे में तो भगवान भी नहीं कर सकते। बुंदेलखंड के लोग अपनी क्षमता, योग्यता और बुद्धिमत्ता से खुद हल कर सकते हैं। ये अलग बात है कि उनको और आगे बढ़ने के लिए अवसर देने के लिए हमारी सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले जो पलायन होता था, उसे रोकने के लिए सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए केन-बेतवा जैसी बड़ी योजना शुरू की। पानी आ गया तो हर सेक्टर में बदलाव आएगा। लाड़ली बहना योजना से जुड़ी बातें… लाड़ली बहना योजना की शुरुआत कब हुई? 28 जनवरी 2023 को तत्कालीन शिवराज सरकार ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की घोषणा की थी। योजना का औपचारिक शुभारंभ 5 मार्च 2023 को किया गया। शुरुआत में पात्र महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपए देने का प्रावधान था। जून 2023 में पहली किस्त जारी हुई। शुरुआत में 1.25 करोड़ महिलाएं योजना में शामिल थीं योजना के शुरुआती दौर में 1 करोड़ 25 लाख 6 हजार 186 महिलाएं पात्र थीं। पहली किस्त के दौरान 1 करोड़ 18 लाख 22 हजार 623 महिलाओं को भुगतान किया गया। इनमें 1 करोड़ 11 लाख 70 हजार 835 महिलाओं को 1,000 रुपए और सामाजिक सुरक्षा पेंशन लेने वाली 6 लाख 51 हजार 788 महिलाओं को अंतर की राशि दी गई। पहली किस्त में कुल 1,143.15 करोड़ रुपए जारी किए गए। अभी हर महीने कितनी बहनों को पैसा मिल रहा? सितंबर 2026 की 40वीं किस्त में 1 करोड़ 25 लाख 10 हजार 150 महिलाओं के खातों में राशि भेजी गई। मासिक सहायता की मौजूदा राशि 1,500 रुपए प्रति महिला है। सितंबर की किस्त में सरकार ने कुल 1,835 करोड़ 9 लाख 22 हजार 450 रुपए जारी किए।

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