CM के निर्देश पर बैद्यनाथ के घर पहुंचे कमिश्नर-IG:खुशदिल देवी को मिला बॉडीगार्ड, परिवार के 1 सदस्य को नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू

CM के निर्देश पर बैद्यनाथ के घर पहुंचे कमिश्नर-IG:खुशदिल देवी को मिला बॉडीगार्ड, परिवार के 1 सदस्य को नौकरी देने की प्रक्रिया शुरू

सीतामढ़ी जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 की सदस्य खुशदिल देवी के पति और जिला परिषद प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो हत्याकांड को लेकर सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उनके निर्देश पर सोमवार को तिरहुत रेंज के कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह और आईजी सतनारायण कुमार केथरिया गांव स्थित बैद्यनाथ महतो के घर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बंद कमरे में बातचीत कर घटना की जानकारी ली और उनकी मांगों को सुना। देखें, मौके से आई तस्वीरें… मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहुंचे कमिश्नर-आईजी कमिश्नर और आईजी ने परिजनों को बताया कि वे मुख्यमंत्री के निर्देश पर केथरिया पहुंचे हैं। अधिकारियों ने कहा कि सरकार परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी और हत्याकांड की जांच गंभीरता से की जा रही है। खुशदिल देवी को तत्काल सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बैद्यनाथ महतो की पत्नी खुशदिल देवी को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। उनकी सुरक्षा में बॉडीगार्ड तैनात किया गया है। परिवार की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने भरोसा दिलाया है। सरकारी प्रावधान के तहत परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। अधिकारियों ने परिजनों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है। थाना प्रभारी की भूमिका भी जांच के घेरे में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हत्याकांड में संबंधित थाना प्रभारी की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यदि जांच में अपराधियों के साथ किसी तरह की मिलीभगत या संलिप्तता सामने आती है, तो थाना प्रभारी को भी मामले में आरोपी बनाया जाएगा। शनिवार को बैद्यनाथ महतो मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार अपराधियों ने उन पर लगातार फायरिंग कर दी। हमले में उन्हें आठ गोलियां लगीं और उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद जमकर हुआ था बवाल हत्याकांड के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। आक्रोशित लोगों ने एसपी, डीएसपी समेत आठ थानों की पुलिस गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी। इस दौरान दो इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मी घायल हुए थे। गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग पर प्रदर्शन घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आगजनी और प्रदर्शन किया था। लोगों ने हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी, परिवार को सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई थी। अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आला अधिकारियों के गांव पहुंचने से मामले में कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है। सीतामढ़ी जिला परिषद क्षेत्र संख्या-13 की सदस्य खुशदिल देवी के पति और जिला परिषद प्रतिनिधि बैद्यनाथ महतो हत्याकांड को लेकर सरकार ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उनके निर्देश पर सोमवार को तिरहुत रेंज के कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह और आईजी सतनारायण कुमार केथरिया गांव स्थित बैद्यनाथ महतो के घर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से बंद कमरे में बातचीत कर घटना की जानकारी ली और उनकी मांगों को सुना। देखें, मौके से आई तस्वीरें… मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहुंचे कमिश्नर-आईजी कमिश्नर और आईजी ने परिजनों को बताया कि वे मुख्यमंत्री के निर्देश पर केथरिया पहुंचे हैं। अधिकारियों ने कहा कि सरकार परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी और हत्याकांड की जांच गंभीरता से की जा रही है। खुशदिल देवी को तत्काल सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि बैद्यनाथ महतो की पत्नी खुशदिल देवी को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। उनकी सुरक्षा में बॉडीगार्ड तैनात किया गया है। परिवार की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने भरोसा दिलाया है। सरकारी प्रावधान के तहत परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। अधिकारियों ने परिजनों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है। थाना प्रभारी की भूमिका भी जांच के घेरे में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हत्याकांड में संबंधित थाना प्रभारी की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यदि जांच में अपराधियों के साथ किसी तरह की मिलीभगत या संलिप्तता सामने आती है, तो थाना प्रभारी को भी मामले में आरोपी बनाया जाएगा। शनिवार को बैद्यनाथ महतो मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान बाइक सवार अपराधियों ने उन पर लगातार फायरिंग कर दी। हमले में उन्हें आठ गोलियां लगीं और उनकी मौत हो गई। हत्या के बाद जमकर हुआ था बवाल हत्याकांड के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था। आक्रोशित लोगों ने एसपी, डीएसपी समेत आठ थानों की पुलिस गाड़ियों में तोड़फोड़ की थी। इस दौरान दो इंस्पेक्टर समेत चार पुलिसकर्मी घायल हुए थे। गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग पर प्रदर्शन घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने आगजनी और प्रदर्शन किया था। लोगों ने हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी, परिवार को सुरक्षा और अन्य मांगों को लेकर पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई थी। अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद आला अधिकारियों के गांव पहुंचने से मामले में कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है।  

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