केस जांच में लापरवाही पर 32 दरोगाओं से स्पष्टीकरण:बांका SP की सख्ती से पुलिस महकमे में हड़कंप, लंबित मामलों के जल्द निपटारे का निर्देश

केस जांच में लापरवाही पर 32 दरोगाओं से स्पष्टीकरण:बांका SP की सख्ती से पुलिस महकमे में हड़कंप, लंबित मामलों के जल्द निपटारे का निर्देश

बांका जिले में गंभीर आपराधिक मामलों के अनुसंधान में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने सख्त कार्रवाई की है। मंगलवार को जिले के विभिन्न थानों में लंबित मामलों की समीक्षा के बाद 32 दरोगाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। दरोगाओं का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता
पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि दरोगाओं का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपराधिक मामलों के अनुसंधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पुलिस पदाधिकारियों को समयबद्ध तरीके से मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करना होगा। तीन-तीन दरोगा भी कार्रवाई के दायरे में
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि रजौन थाना में तैनात 10 दरोगाओं ने केस अनुसंधान में सर्वाधिक शिथिलता बरती है। इसके अतिरिक्त, बेलहर, शंभूगंज और अमरपुर थाना क्षेत्रों के तीन-तीन दरोगा भी कार्रवाई के दायरे में हैं। बाराहाट के पांच, कटोरिया और धोरैया के दो-दो, तथा बौसी एवं धनकुंड थाना के एक-एक दरोगा से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी है कि लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि अनुसंधान कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, जिससे अपराध नियंत्रण में प्रभावी सुधार लाया जा सके। बांका जिले में गंभीर आपराधिक मामलों के अनुसंधान में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने सख्त कार्रवाई की है। मंगलवार को जिले के विभिन्न थानों में लंबित मामलों की समीक्षा के बाद 32 दरोगाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है। पुलिस महकमे में इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है। दरोगाओं का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता
पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि दरोगाओं का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपराधिक मामलों के अनुसंधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पुलिस पदाधिकारियों को समयबद्ध तरीके से मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करना होगा। तीन-तीन दरोगा भी कार्रवाई के दायरे में
समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि रजौन थाना में तैनात 10 दरोगाओं ने केस अनुसंधान में सर्वाधिक शिथिलता बरती है। इसके अतिरिक्त, बेलहर, शंभूगंज और अमरपुर थाना क्षेत्रों के तीन-तीन दरोगा भी कार्रवाई के दायरे में हैं। बाराहाट के पांच, कटोरिया और धोरैया के दो-दो, तथा बौसी एवं धनकुंड थाना के एक-एक दरोगा से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसपी ने सभी संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी है कि लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि अनुसंधान कार्य में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, जिससे अपराध नियंत्रण में प्रभावी सुधार लाया जा सके।  

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