China Economy: मिडिल ईस्ट में युद्ध और टैरिफ वॉर के बीच भी चीन की इकोनॉमी ने की अच्छी ग्रोथ, जानिए वजह

China Economy: मिडिल ईस्ट में युद्ध और टैरिफ वॉर के बीच भी चीन की इकोनॉमी ने की अच्छी ग्रोथ, जानिए वजह

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन ने साल की शुरुआत अपेक्षा से बेहतर आर्थिक आंकड़ों के साथ की है। औद्योगिक उत्पादन और रिटेल सेल्स में बढ़ोतरी ने संकेत दिया है कि चीन की अर्थव्यवस्था अभी भी गति बनाए हुए है। हालांकि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा संकट को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।

ताजा आंकड़ों के अनुसार चीन में जनवरी और फरवरी के दौरान फैक्ट्री उत्पादन और उपभोक्ता खर्च दोनों में सुधार दर्ज किया गया, जिससे सरकार और नीति निर्माताओं को कुछ राहत मिली है।

मैन्युफैक्चरिंग का दबदबा

साल की शुरुआत में चीन के औद्योगिक उत्पादन में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है। राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (NBS) के अनुसार जनवरी और फरवरी के दौरान इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में सालाना आधार पर 6.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और एक्सपोर्ट आधारित उद्योगों की वजह से हुई।

इसके साथ ही फिक्स्ड एसेट इन्वेस्टमेंट में भी सुधार देखने को मिला है। पिछले वर्ष गिरावट के बाद इस बार निवेश में 1.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि प्रॉपर्टी सेक्टर अभी भी कमजोर बना हुआ है। आंकड़ों के अनुसार रियल एस्टेट निवेश में 11.1 प्रतिशत की गिरावट जारी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि चीन का हाउसिंग सेक्टर अभी पूरी तरह से उबर नहीं पाया है।

रिटेल सेल्स में हुआ सुधार

उपभोक्ता खर्च के संकेत देने वाली रिटेल सेल्स में भी कुछ सुधार देखने को मिला है। जनवरी और फरवरी में रिटेल सेल्स सालाना आधार पर 2.8 प्रतिशत बढ़ी, जो विश्लेषकों के अनुमान से बेहतर है। हालांकि यह बढ़ोतरी सरकार के समग्र आर्थिक विकास लक्ष्य की तुलना में अभी भी धीमी मानी जा रही है।

इससे पहले दिसंबर में रिटेल सेल्स में केवल 0.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, जिससे घरेलू मांग कमजोर होने की चिंता बढ़ गई थी। चीन की नई पांच वर्षीय आर्थिक योजना में अब उपभोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि अर्थव्यवस्था को संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।

एक्सपोर्ट से मिली मजबूती

विशेषज्ञों के अनुसार इस समय चीन की आर्थिक मजबूती का मुख्य कारण निर्यात में तेज बढ़ोतरी है। जनवरी और फरवरी के दौरान चीन के एक्सपोर्ट में 21.8 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई। दक्षिण-पूर्व एशिया और यूरोप में बढ़ती मांग ने इसमें अहम भूमिका निभाई है।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक राजनीतिक परिस्थितियां आने वाले महीनों में चीन की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं। विश्लेषकों के अनुसार अगर वैश्विक तनाव बढ़ता है तो दूसरी तिमाही में आर्थिक वृद्धि धीमी हो सकती है। इसके बावजूद फिलहाल चीन के नीति निर्माता शुरुआती आर्थिक प्रदर्शन से संतुष्ट नजर आ रहे हैं।

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