Chhattisgarh Dussehra: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के डब्ल्यूआरएस मैदान में विजयादशमी पर मंगलवार को बुराई के प्रतीक रावण का अंत देखने के लिए लगभग 5 लाख लोग पहुंचे। छत्तीसगढ़ के भांचा मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने लंकाधिपति का अंत करके उसे मोक्ष दिलाया। इस दौरान भव्य आतिशबाजी की गई। इस कार्यक्रम के साक्षी बने मुख्यमंत्री सहित अन्य जनप्रतिनिधि।
रावण का पुतला दहन होते ही मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। रावण के साथ ही कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का भी दहन किया गया। इस बार रायपुर में 101 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाया गया था।
डब्ल्यूआरएस स्थित दशहरा उत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़वासियों के लिए विजयादशमी का पर्व विशेष महत्व रखता है, क्योंकि प्रभु श्रीराम का इस पावन धरती से अत्यंत गहरा और आत्मीय नाता है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल माना जाता है।
सीएम साय ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम ने माता सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ छत्तीसगढ़ के वनांचलों में लंबा समय व्यतीत किया था। इसीलिए छत्तीसगढ़ की लोकआस्था, संस्कृति और जनजीवन में भगवान श्रीराम रचे-बसे हैं।
कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा एवं रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक कुलदीप सिंह जुनेजा, बीजेपी नेता जयंती भाई पटेल, सूर्यकांत राठौर, आयोजन समिति के प्रमुख जी. स्वामी, नेशनल क्लब एवं आयोजन समिति के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे। (वीडियो त्रिलोचन मानिकपुरी)

