चेन्नई। चेन्नई हवाई अड्डे के संचालन से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को हटाकर किसी अन्य ऑपरेटर को जिम्मेदारी देने की तमिलनाडु सरकार की पहल का भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने विरोध किया है। सीपीआई ने इसे एयरपोर्ट के निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम बताते हुए कहा कि कमियों को दूर करने के लिए निजी कंपनी को प्रबंधन सौंपने के बजाय यात्री सुविधाओं, उड़ान संचालन और कार्गो प्रबंधन में सुधार किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा
दरअसल तमिलनाडु सरकार ने चेन्नई एयरपोर्ट के संचालन में बदलाव की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। अगस्त में भेजे गए इस पत्र में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने चेन्नई एयरपोर्ट के मौजूदा संचालक एएआई की जगह किसी अन्य ऑपरेटर को जिम्मेदारी देने का अनुरोध किया है। सरकार का कहना है कि तमिलनाडु लगातार उद्योगों और निवेश को आकर्षित करने वाला राज्य रहा है। ऐसे में राज्य की जरूरतों के अनुरूप चेन्नई में विश्वस्तरीय एयरपोर्ट प्रबंधन जरूरी है।
चेन्नई एयरपोर्ट में सुधार की जरूरत
राज्य सरकार के अनुसार, यात्री संख्या, विमान संचालन और कार्गो प्रबंधन समेत कई क्षेत्रों में चेन्नई एयरपोर्ट में सुधार की जरूरत है। सरकार का मानना है कि संचालन और प्रबंधन में बदलाव से एयरपोर्ट की सेवाओं और सुविधाओं की गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है। चेन्नई एयरपोर्ट के संचालन में बदलाव का प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब तमिलनाडु सरकार ने कांचीपुरम जिले के परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके बाद सरकार मौजूदा चेन्नई एयरपोर्ट के विस्तार पर जोर दे रही है। ऐसे में एयरपोर्ट के संचालन और प्रबंधन में बदलाव की मांग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीपीआई ने जताई आपत्ति
राज्य सरकार का कहना है कि चेन्नई एयरपोर्ट को यात्री और कार्गो जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए बेहतर प्रबंधन जरूरी है। वहीं, एयरपोर्ट की सुविधाओं और कुछ बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में हुई देरी को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। सीपीआई ने राज्य सरकार की पहल पर आपत्ति जताते हुए कहा कि चेन्नई एयरपोर्ट तमिलनाडु के उद्योग, व्यापार, पर्यटन और कार्गो क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक बुनियादी ढांचा है। पार्टी के मुताबिक, एयरपोर्ट के प्रशासन में यदि कोई कमी है तो उसे यात्री सुविधाओं, उड़ान संचालन, कार्गो प्रबंधन और सड़क संपर्क को बेहतर बनाकर दूर किया जाना चाहिए।
6,522 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया
पार्टी ने दावा किया कि एएआई ने वित्त वर्ष 2025-26 में 6,522 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया, जबकि चेन्नई एयरपोर्ट ने वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 492.48 करोड़ रुपये का लाभ कमाया। सीपीआई का तर्क है कि ऐसे में एयरपोर्ट को निजी प्रबंधन के हवाले करने के बजाय सार्वजनिक क्षेत्र के तहत ही उसका आधुनिकीकरण और विस्तार किया जाना चाहिए। सीपीआई ने कहा कि परंदूर एयरपोर्ट परियोजना को वापस लेने के बाद चेन्नई एयरपोर्ट के विस्तार की जिम्मेदारी एएआई के पास ही रहनी चाहिए। पार्टी ने एयरपोर्ट के आधुनिकीकरण के साथ उसकी आय को सार्वजनिक संसाधन के रूप में बनाए रखने की मांग की है।

