Chandauli में जापानी नागरिकों को ठगने वाले फर्जी Call Center पर छापा, 5 गिरफ्तार

Chandauli में जापानी नागरिकों को ठगने वाले फर्जी Call Center पर छापा, 5 गिरफ्तार

चंदौली जिले में एक फर्जी कॉल सेंटर के जरिये बुजुर्ग जापानी नागरिकों को निशाना बनाकर उनके कंप्यूटर और मोबाइल फोन तक पहुंच हासिल करने तथा उनसे बड़ी रकम ठगने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों ने बुधवार को बताया कि आरोपियों में से एक के दो बैंक खातों में जमा करीब नौ लाख रुपये की राशि फ्रीज कर दी गई है और पुलिस अब कथित तौर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी से जुड़े धन के लेन-देन की पड़ताल कर रही है। अपर पुलिस अधीक्षक (सदर) विक्रम दहिया ने बताया कि गिरोह मुख्य रूप से बुजुर्ग जापानी नागरिकों को निशाना बनाता था।

उन्होंने बताया कि आरोपी इंटरनेट आधारित कॉलिंग सॉफ्टवेयर ‘जोइपर’ और स्क्रीन शेयरिंग सॉफ्टवेयर के माध्यम से पीड़ितों से संपर्क करते और उनका विश्वास जीतने के बाद उनके कंप्यूटर या मोबाइल फोन में वायरस डाल देते थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपी पीड़ितों के बैंक खातों से जुड़ी जानकारी हासिल कर लेते थे और उनके मोबाइल फोन पर आने वाले ओटीपी का इस्तेमाल करते थे। दहिया ने बताया कि ठगी की रकम जापान या चीन के बैंक खातों में स्थानांतरित किए जाने के बाद हवाला के जरिए भारत लाए जाने का आरोप है।

उन्होंने बताया कि पुलिस अब रकम के लेन-देन के पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है, ताकि यह पता चल सके कि ठगी से प्राप्त रकम किन-किन खातों में भेजी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कॉल सेंटर मुगलसराय के कैलाशपुरी इलाके में एक शोरूम की इमारत की तीसरी मंजिल से संचालित किया जा रहा था और 29 सितंबर को मामला दर्ज होने के बाद मुगलसराय पुलिस, स्वाट, निगरानी एवं साइबर इकाई की संयुक्त टीम ने बुधवार को वहां छापा मारा। उन्होंने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह गया के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने के बहाने जापानी पर्यटकों से संपर्क स्थापित करता था।

यह भी पता चला कि गिरफ्तार कॉल सेंटर प्रबंधक रौनक सिंह ने जापानी सीखी थी और वह पीड़ितों से बात करते समय खुद को कथित तौर पर जापानी नागरिक बताता था। दहिया ने बताया कि आरोपी सुबह सात बजे से अपराह्न दो बजे तक जापान से ‘जोइपर’ एप्लीकेशन पर आने वाली कॉल के जरिए कथित ठगी को अंजाम देते थे। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रौनक सिंह (32), रोशन कुमार (21), अमन कुमार (23), अंकित कुमार (25) और विकास वैभव (25) के रूप में हुई है और सभी बिहार के रहने वाले हैं।

दहिया ने बताया कि पुलिस ने मौके से 19 कंप्यूटर मॉनिटर, 20 सीपीयू, 19 कीबोर्ड, हेडफोन, माउस, छह मोबाइल फोन, जाली दस्तावेज और वाराणसी के पतों वाले आधार कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह का सरगना अभी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *