भुवनेश्वर, पांच अक्टूबर ओडिशा की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजद ने सोमवार को कहा कि मुख्य निर्चाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए, क्योंकि उन्होंने गलतबयानी की कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान फ़ॉर्म-6 में बदलाव को उच्चतम न्यायालय ने मंज़ूरी दी थी। इससे पहले न्यायालय ने सोमवार को कहा कि उसने अलग-अलग राज्यों में एसआईआर के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे फॉर्म-6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी। फॉर्म-6 आवेदन के जरिये कोई पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने की मांग करता है।
निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को एक बयान जारी कर कहा था कि उच्चतम न्यायालय ने बिहार में एसआईआर से जुड़े मई 2026 के फैसले में फॉर्म-6 की घोषणा को सही ठहराया था। बीजद के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी का ज़िक्र करते हुए कहा, ‘‘अब कुमार के पास नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’’
इस बीच पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘‘ज्ञानेश कुमार ने झूठ बोला था कि फ़ॉर्म-6 को उच्चतम न्यायालय ने मंज़ूरी दी थी, इसलिए उन्हें पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें इस्तीफ़ा दे देना चाहिए।’’
इससे पहले, बीजद अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी कुमार के इस्तीफ़े और पूरी एसआईआर प्रक्रिया की समीक्षा की मांग की थी।

