मां ही संस्कारों का स्वर, समाज को देती दिशा: कोठारी
स्त्री केवल परिवार की धुरी नहीं, बल्कि उसके संस्कार, चेतना और भविष्य की आधारशिला है। परिवार की वास्तविक शक्ति स्त्री में समाहित होती है। संतान को संस्कार देकर उसे मनुष्य बनाने की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया भी मां से ही शुरू होती है। मां अपनी संतान को जो संस्कार देती है, वही आगे चलकर समाज और…

