अशोकनगर में सोमवार रात विभिन्न स्थानों पर होलिका दहन किया गया। शहर के हृदय स्थल गांधी पार्क में देर रात होलिका जलाई गई, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कलेक्टर साकेत मालवीय ने स्वयं पहुंचकर विधि-विधान से पूजन किया। गांधी पार्क में 15 फीट ऊंची होलिका का दहन किया गया। इस स्थान पर वर्षों से होलिका दहन की परंपरा रही है, दिवाकर सदका केंद्र रही। होलिका दहन के लिए एक दिन पहले ही पूरी तैयारी कर ली गई थी, जिसमें 8 फीट ऊंचाई तक कंडे रखे गए थे और उनके ऊपर 7 फीट की होलिका व भक्त प्रह्लाद को स्थापित किया गया था। दहन के दौरान प्रह्लाद का पुतला हटा लिया गया था। जिले भर में होलिका दहन कार्यक्रम सोमवार रात से शुरू होकर आधी रात तक चला। कुछ ग्रामीण इलाकों में मंगलवार तड़के सुबह भी होलिका दहन किया गया। कलेक्टर साकेत मालवीय ने गांधी पार्क के अतिरिक्त अपने निवास स्थान के पास भी होलिका दहन में भाग लिया। इस वर्ष होलिका दहन के दौरान पर्यावरण प्रदूषण को लेकर विशेष ध्यान रखा गया। विभिन्न स्थानों पर लोगों को गाय के गोबर के कंडों से होलिका दहन करने के लिए प्रेरित किया गया था। इसी के परिणामस्वरूप, अधिकांश स्थानों पर कंडों का ही उपयोग कर होलिका दहन किया गया।


