सहरसा के सिमरीबख्तियारपुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-23 में बुधवार को नगर प्रशासन ने अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई की। विकास कार्यों में बाधा बन रहे अवैध निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया। यह अभियान बजरंगबली चौक से माखन टोला तक प्रस्तावित पीसीसी सड़क ढलाई और नाला निर्माण कार्य को सुचारु बनाने के उद्देश्य से चलाया गया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान प्रशासन और कब्जाधारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि, भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण अभियान शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया। यह कार्रवाई सुबह 11 बजे शुरू होनी थी, लेकिन जिला मुख्यालय से पुलिस बल के देर से पहुंचने के कारण अभियान दोपहर करीब 2 बजे आरंभ हुआ। जेसीबी मशीनों द्वारा अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना शुरू करते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए अभियान जारी रखा। कार्यपालक पदाधिकारी रामविलास दास ने बताया कि सड़क और नाला निर्माण कार्य लंबे समय से अतिक्रमण के कारण प्रभावित हो रहा था। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि संबंधित लोगों को पूर्व में तीन बार नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। चेतावनी के बावजूद कब्जाधारियों ने कोई पहल नहीं की, जिसके बाद जनहित और विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को यह कार्रवाई करनी पड़ी। अभियान का नेतृत्व दंडाधिकारी शुभम वर्मा ने किया। इस दौरान कार्यपालक पदाधिकारी रामविलास दास, आरओ खुशबू कुमारी, सिटी मैनेजर सुरभि कुमारी, टैक्स दारोगा हसनैन मोहसिन, भीम कुमकर, अपर थानाध्यक्ष अमित कुमार, दारोगा दयानंद महतो सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल मौके पर तैनात रहे। नगर प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में सरकारी जमीन पर दोबारा अतिक्रमण करने का प्रयास किया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। सहरसा के सिमरीबख्तियारपुर नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या-23 में बुधवार को नगर प्रशासन ने अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई की। विकास कार्यों में बाधा बन रहे अवैध निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया गया। यह अभियान बजरंगबली चौक से माखन टोला तक प्रस्तावित पीसीसी सड़क ढलाई और नाला निर्माण कार्य को सुचारु बनाने के उद्देश्य से चलाया गया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान प्रशासन और कब्जाधारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। हालांकि, भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण अभियान शांतिपूर्वक संपन्न कराया गया। यह कार्रवाई सुबह 11 बजे शुरू होनी थी, लेकिन जिला मुख्यालय से पुलिस बल के देर से पहुंचने के कारण अभियान दोपहर करीब 2 बजे आरंभ हुआ। जेसीबी मशीनों द्वारा अवैध निर्माणों को ध्वस्त करना शुरू करते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए अभियान जारी रखा। कार्यपालक पदाधिकारी रामविलास दास ने बताया कि सड़क और नाला निर्माण कार्य लंबे समय से अतिक्रमण के कारण प्रभावित हो रहा था। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि संबंधित लोगों को पूर्व में तीन बार नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया था। चेतावनी के बावजूद कब्जाधारियों ने कोई पहल नहीं की, जिसके बाद जनहित और विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को यह कार्रवाई करनी पड़ी। अभियान का नेतृत्व दंडाधिकारी शुभम वर्मा ने किया। इस दौरान कार्यपालक पदाधिकारी रामविलास दास, आरओ खुशबू कुमारी, सिटी मैनेजर सुरभि कुमारी, टैक्स दारोगा हसनैन मोहसिन, भीम कुमकर, अपर थानाध्यक्ष अमित कुमार, दारोगा दयानंद महतो सहित बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष पुलिस बल मौके पर तैनात रहे। नगर प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में सरकारी जमीन पर दोबारा अतिक्रमण करने का प्रयास किया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।


