रिश्वत वीडियो वायरल, पियर थाना में अपर थानेदार निलंबित:मुजफ्फरपुर में एसएसपी ने जांच रिपोर्ट पर की कार्रवाई

रिश्वत वीडियो वायरल, पियर थाना में अपर थानेदार निलंबित:मुजफ्फरपुर में एसएसपी ने जांच रिपोर्ट पर की कार्रवाई

मुजफ्फरपुर जिले के पियर थाना में तैनात अपर थानाध्यक्ष अभिनंदन कुमार को रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक ने सोमवार शाम करीब छह बजे निलंबित कर दिया। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इसमें एक बिचौलिया के माध्यम से एक फरियादी से पांच हजार रुपये लेते हुए दिखाया गया है। वीडियो सामने आने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ पूर्वी-1 मनोज कुमार सिंह को जांच की जिम्मेदारी दी गई। एसडीपीओ ने पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर दिनभर साक्ष्य जुटाए और अपनी रिपोर्ट वरीय पुलिस अधीक्षक को सौंप दी। जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अपर थानाध्यक्ष अभिनंदन कुमार को निलंबित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद फरियादी पर मामले को मैनेज करने का भी दबाव बनाया जा रहा था। इस संबंध में नूनफारा गांव निवासी शत्रुघ्न राम ने बताया कि कुछ दिन पहले मद्य निषेध विभाग ने उनके भाई को पकड़ लिया था। उन्हें लगा कि पियर थाना की पुलिस उनके भाई को पकड़कर ले गई है। शत्रुघ्न राम ने बताया कि जब वह थाना पहुंचे तो वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उनके भाई को छुड़ाने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की। इस पर उन्होंने बताया कि उनके पास केवल पांच हजार रुपये हैं। इसके बाद थाने में बैठे बिचौलिये ने वह पांच हजार रुपये लेकर अपर थानाध्यक्ष को दे दिया और अगले दिन दोपहर दो बजे कोर्ट पहुंचने का निर्देश दिया गया। शत्रुघ्न राम ने बताया कि पूरी घटना का वीडियो उन्होंने अपने गार्जियन को दिखाने के लिए बना लिया था। हालांकि बाद में उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया, जिसके बाद वही वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है। मुजफ्फरपुर जिले के पियर थाना में तैनात अपर थानाध्यक्ष अभिनंदन कुमार को रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक ने सोमवार शाम करीब छह बजे निलंबित कर दिया। जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इसमें एक बिचौलिया के माध्यम से एक फरियादी से पांच हजार रुपये लेते हुए दिखाया गया है। वीडियो सामने आने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ पूर्वी-1 मनोज कुमार सिंह को जांच की जिम्मेदारी दी गई। एसडीपीओ ने पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर दिनभर साक्ष्य जुटाए और अपनी रिपोर्ट वरीय पुलिस अधीक्षक को सौंप दी। जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अपर थानाध्यक्ष अभिनंदन कुमार को निलंबित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद फरियादी पर मामले को मैनेज करने का भी दबाव बनाया जा रहा था। इस संबंध में नूनफारा गांव निवासी शत्रुघ्न राम ने बताया कि कुछ दिन पहले मद्य निषेध विभाग ने उनके भाई को पकड़ लिया था। उन्हें लगा कि पियर थाना की पुलिस उनके भाई को पकड़कर ले गई है। शत्रुघ्न राम ने बताया कि जब वह थाना पहुंचे तो वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उनके भाई को छुड़ाने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की। इस पर उन्होंने बताया कि उनके पास केवल पांच हजार रुपये हैं। इसके बाद थाने में बैठे बिचौलिये ने वह पांच हजार रुपये लेकर अपर थानाध्यक्ष को दे दिया और अगले दिन दोपहर दो बजे कोर्ट पहुंचने का निर्देश दिया गया। शत्रुघ्न राम ने बताया कि पूरी घटना का वीडियो उन्होंने अपने गार्जियन को दिखाने के लिए बना लिया था। हालांकि बाद में उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया, जिसके बाद वही वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। फिलहाल मामले की जांच जारी है।  

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