BrahMos Launcher और फायर कंट्रोल सिस्टम से लैस होंगे Indian Navy के जहाज, ₹661.50 करोड़ की डील

BrahMos Launcher और फायर कंट्रोल सिस्टम से लैस होंगे Indian Navy के जहाज, ₹661.50 करोड़ की डील

रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को नई दिल्ली में ‘बाय (इंडियन-IDDM)’ कैटेगरी के तहत भारतीय नौसेना के जहाजों के लिए ब्रह्मोस फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर खरीदने के लिए ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड (BAPL) के साथ एक कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किए। रक्षा मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार, 661.50 करोड़ रुपये मूल्य का यह कॉन्ट्रैक्ट रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में साइन किया गया। कम से कम 68% स्वदेशी सामग्री (indigenous content) वाले इस प्रोजेक्ट से MSME सहित विभिन्न भारतीय उद्योगों की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा। इस प्रोजेक्ट से तीन साल की अवधि में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। यह भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था और रक्षा क्षमताओं को भी मजबूत करता है और एडवांस्ड मिलिट्री टेक्नोलॉजी को स्वदेशी बनाने की चल रही कोशिशों में एक अहम पड़ाव है।

इसे भी पढ़ें: इधर विपक्ष सड़कों पर हंगामा करता रहा, उधर मोदी मंत्रिमंडल ने कई बड़े फैसले लेकर सबको चौंका दिया, PM Modi के सम्मान में सभी मंत्रियों ने दिया Standing Ovation

कई फ्रंटलाइन युद्धपोतों पर लगा ब्रह्मोस सिस्टम, समुद्री हमलों के लिए भारतीय नौसेना का मुख्य सतह-से-सतह पर मार करने वाला मिसाइल (SSM) सिस्टम है। यह हथियार सिस्टम सुपरसोनिक स्पीड से बहुत दूर मौजूद ज़मीनी और समुद्री ठिकानों को एकदम सटीक निशाना बनाने में सक्षम है। इससे पहले 1 अक्टूबर को रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा था कि ब्रह्मोस भारत के बढ़ते एक्सपोर्ट का एक अहम उदाहरण है, जिसका एक्सपोर्ट 600 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इंडोनेशिया और वियतनाम समेत दक्षिण-पूर्व एशिया के तीन देशों को यह हाई-एंड स्ट्रैटेजिक सिस्टम बेचने के लिए कॉन्ट्रैक्ट या समझौते हुए हैं। 

इसे भी पढ़ें: Cabinet ने दी 10,000 करोड़ रुपये के SME Growth Fund को मंजूरी

ANI को दिए एक इंटरव्यू में सिंह ने कहा कि इस मिसाइल का एयर-लॉन्च वर्शन भी है और सुखोई विमानों पर यह बहुत सफल रहा है। फिलीपींस को लगभग 330 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कीमत का ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम सौंपा जा चुका है। रक्षा सचिव ने कहा कि वियतनाम के लिए शुरुआती एक्सपोर्ट लगभग 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर और इंडोनेशिया के लिए लगभग 200 मिलियन अमेरिकी डॉलर का होना चाहिए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहले ब्रह्मोस को सिर्फ़ एक मिसाइल नहीं, बल्कि देश की बढ़ती स्वदेशी क्षमताओं का प्रतीक बताया था। इस मिसाइल में पारंपरिक वॉरहेड और एडवांस्ड गाइडेड सिस्टम है और यह सुपरसोनिक स्पीड से लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम है। स्पीड, सटीकता और ताकत का यह कॉम्बिनेशन ब्रह्मोस को दुनिया के बेहतरीन सिस्टम में से एक बनाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *