मुंगेर में BPSC पेपर लीक की साजिश नाकाम:17 अभ्यर्थी-4 एजेंट गिरफ्तार, मास्टरमाइंड पकड़ा गया, हाईटेक तरीके से चीटिंग की तैयारी

मुंगेर में BPSC पेपर लीक की साजिश नाकाम:17 अभ्यर्थी-4 एजेंट गिरफ्तार, मास्टरमाइंड पकड़ा गया, हाईटेक तरीके से चीटिंग की तैयारी

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में पेपर लीक की आशंका के बीच मुंगेर प्रशासन ने एक बड़े सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक चली छापेमारी में 2 युवतियों सहित 17 अभ्यर्थियों और 4 एजेंटों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से परीक्षा में संभावित गड़बड़ी टल गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग परीक्षा के दौरान पेपर लीक कराने की तैयारी में हैं। इसके बाद एसपी सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। मास्टरमाइंड सुजल कुमार को गिरफ्तार किया गया
सदर डीएसपी अभिषेक आनंद और जिला शिक्षा पदाधिकारी कुणाल गौरव के नेतृत्व में टीम ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भगत चौकी में छापेमारी की। इस दौरान गिरोह के मास्टरमाइंड सुजल कुमार को गिरफ्तार किया गया। सुजल की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर शहर के विभिन्न होटल, लॉज और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान एजेंट, सॉल्वर गैंग के सदस्य और कई अन्य अभ्यर्थियों को पकड़ा गया। परीक्षा में उत्तर उपलब्ध कराने का सौदा
पुलिस ने सुजल के पास से 20 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भी बरामद किए। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि इन अभ्यर्थियों को परीक्षा में उत्तर उपलब्ध कराने का सौदा हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने इस बार हाईटेक तरीके से पेपर लीक करने की योजना बनाई थी। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक कैप्चर (फिंगरप्रिंट, फेस और आई स्कैन) के लिए नियुक्त एजेंसी के कुछ ऑपरेटरों को अपने प्रभाव में लिया था। युवाओं को ऑपरेटर के रूप में तैयार किया
योजना के अनुसार, ऑपरेटर प्रश्न पत्र की फोटो खींचकर गिरोह को भेजते। गिरोह उत्तर तैयार कर उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाता। इसके लिए गिरोह ने पहले से ही कुछ युवाओं को ऑपरेटर के रूप में तैयार किया था। हालांकि, परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने कार्रवाई कर इस साजिश को नाकाम कर दिया। कोचिंग संचालक की भूमिका भी संदिग्ध
पुलिस जांच में कासिम बाजार थाना क्षेत्र के अंबे चौक स्थित एक कोचिंग सेंटर संचालक की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस जब वहां छापेमारी करने पहुंची तो संचालक फरार मिला। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। थाने में कम पड़ी जगह, बढ़ी भीड़
एक साथ बड़ी संख्या में गिरफ्तारी होने के कारण मुफस्सिल थाना में जगह कम पड़ गई। आरोपियों को दो हाजत के अलावा अन्य कमरों में रखा गया। पुलिस जवानों की निगरानी को बढ़ा दी गई थी। पुलिस द्वारा परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना दी गई। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बुधवार को विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों के परिजन थाने पहुंच गए, जिससे वहां भीड़ लग गई। हालांकि पुलिस ने किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। कड़ी सुरक्षा में भेजे गए जेल
गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजने के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। पुलिस लाइन और आसपास के थाना से अतिरिक्त हथकड़ी और रस्से मंगाए गए। 19 आरोपियों को हथकड़ी और रस्से के साथ पुलिस लाईन से आयी बड़ी बस के माध्यम ले जाया गया, जबकि दोनों युवतियों को महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में भेजा गया। इस दौरान कैदी वाहन के आगे और पिछे क्यूआरटी टीम और स्थानीय पुलिस के जवानों के द्वारा सुरक्षा को लेकर स्कॉट किया गया। मुंगेर में पहली बार बीपीएससी परीक्षा को लेकर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में पेपर लीक की आशंका के बीच मुंगेर प्रशासन ने एक बड़े सॉल्वर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सोमवार देर रात से मंगलवार सुबह तक चली छापेमारी में 2 युवतियों सहित 17 अभ्यर्थियों और 4 एजेंटों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से परीक्षा में संभावित गड़बड़ी टल गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग परीक्षा के दौरान पेपर लीक कराने की तैयारी में हैं। इसके बाद एसपी सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। मास्टरमाइंड सुजल कुमार को गिरफ्तार किया गया
सदर डीएसपी अभिषेक आनंद और जिला शिक्षा पदाधिकारी कुणाल गौरव के नेतृत्व में टीम ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भगत चौकी में छापेमारी की। इस दौरान गिरोह के मास्टरमाइंड सुजल कुमार को गिरफ्तार किया गया। सुजल की गिरफ्तारी के बाद उसकी निशानदेही पर शहर के विभिन्न होटल, लॉज और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान एजेंट, सॉल्वर गैंग के सदस्य और कई अन्य अभ्यर्थियों को पकड़ा गया। परीक्षा में उत्तर उपलब्ध कराने का सौदा
पुलिस ने सुजल के पास से 20 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भी बरामद किए। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि इन अभ्यर्थियों को परीक्षा में उत्तर उपलब्ध कराने का सौदा हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह ने इस बार हाईटेक तरीके से पेपर लीक करने की योजना बनाई थी। उन्होंने परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक कैप्चर (फिंगरप्रिंट, फेस और आई स्कैन) के लिए नियुक्त एजेंसी के कुछ ऑपरेटरों को अपने प्रभाव में लिया था। युवाओं को ऑपरेटर के रूप में तैयार किया
योजना के अनुसार, ऑपरेटर प्रश्न पत्र की फोटो खींचकर गिरोह को भेजते। गिरोह उत्तर तैयार कर उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाता। इसके लिए गिरोह ने पहले से ही कुछ युवाओं को ऑपरेटर के रूप में तैयार किया था। हालांकि, परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने कार्रवाई कर इस साजिश को नाकाम कर दिया। कोचिंग संचालक की भूमिका भी संदिग्ध
पुलिस जांच में कासिम बाजार थाना क्षेत्र के अंबे चौक स्थित एक कोचिंग सेंटर संचालक की संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस जब वहां छापेमारी करने पहुंची तो संचालक फरार मिला। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। थाने में कम पड़ी जगह, बढ़ी भीड़
एक साथ बड़ी संख्या में गिरफ्तारी होने के कारण मुफस्सिल थाना में जगह कम पड़ गई। आरोपियों को दो हाजत के अलावा अन्य कमरों में रखा गया। पुलिस जवानों की निगरानी को बढ़ा दी गई थी। पुलिस द्वारा परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना दी गई। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बुधवार को विभिन्न जिलों से आए अभ्यर्थियों के परिजन थाने पहुंच गए, जिससे वहां भीड़ लग गई। हालांकि पुलिस ने किसी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। कड़ी सुरक्षा में भेजे गए जेल
गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेजने के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। पुलिस लाइन और आसपास के थाना से अतिरिक्त हथकड़ी और रस्से मंगाए गए। 19 आरोपियों को हथकड़ी और रस्से के साथ पुलिस लाईन से आयी बड़ी बस के माध्यम ले जाया गया, जबकि दोनों युवतियों को महिला पुलिसकर्मियों की निगरानी में भेजा गया। इस दौरान कैदी वाहन के आगे और पिछे क्यूआरटी टीम और स्थानीय पुलिस के जवानों के द्वारा सुरक्षा को लेकर स्कॉट किया गया। मुंगेर में पहली बार बीपीएससी परीक्षा को लेकर इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है।  

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