भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद संबित पात्रा ने शनिवार को कांग्रेस और राहुल गांधी समेत उसके नेताओं पर राजनीतिक फायदे के लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने और उनकी विश्वसनीयता को कमज़ोर करने का आरोप लगाया। पात्रा निर्वाचन आयोग के उस बयान के बाद बोल रहे थे, जिसमें कहा गया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े आदेश तीनों निर्वाचन आयुक्तों की मंजूरी से जारी किए गए थे। निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में किए गए बदलावों को उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है।
पुरी से सांसद पात्रा ने संवाददाता सम्मेलन में यह भी कहा कि निर्वाचन आयोग के बयान ने ‘‘सच और झूठ के बीच फर्क साफ कर दिया है।’’
पात्रा ने कहा, ‘‘आज निर्वाचन आयोग की प्रेस विज्ञप्ति ने सच और झूठ के बीच फर्क साफ कर दिया है। दूध का दूध, पानी का पानी हो गया है। कांग्रेस और उसके नेता बेनकाब हो गए हैं।
कांग्रेस इस हद तक गिर गई है कि राजनीतिक लाभ के लिए संस्थाओं को बदनाम करने से भी नहीं हिचकती।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से कांग्रेस ने कई संस्थाओं को निशाना बनाया है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘किसी अन्य राजनीतिक दल ने भारतीय सेना पर हमला नहीं किया और सर्जिकल स्ट्राइक तथा ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल नहीं उठाए। कांग्रेस और उसके कुछ सहयोगी दलों ने भारतीय रक्षा बलों को निशाना बनाया।
उन्होंने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों पर भी हमला किया और यहां तक कि उन्हें कठपुतली तक कहा।

