भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने रविवार को राहुल गांधी के इस दावे को बेबुनियाद बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तमिल और संस्कृति पर बड़े पैमाने पर हमला कर रहे हैं। पार्टी ने कांग्रेस नेता पर के आधार पर देश में विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में तमिल को बहुत सम्मान मिला है।
त्रिवेदी ने कहा कि मोदी के नेतृत्व में तमिल के विभिन्न रूपों को बढ़ावा देने और पहचान दिलाने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रयास केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी किए गए हैं। शनिवार को गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर तमिल भाषा, संस्कृति और इतिहास पर बड़े पैमाने पर हमला करने का आरोप लगाया था।
उन्होंने यह दावा भी किया था कि निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया तमिलनाडु को ‘सजा’ देने और संसद में उसकी आवाज कमजोर करने के लिए बनाई गई है। गांधी ने दक्षिण भारत में अपने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के छठे और दक्षिण भारत में पहले संस्करण के दौरान चेन्नई में एक मैदान में जुटी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा था, “हम तमिल संस्कृति, आपकी भाषा, इतिहास और परंपराओं पर बड़े पैमाने पर हमला होते देख रहे हैं…।”
प्रधानमंत्री मोदी को लेकर गांधी की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए त्रिवेदी ने कहा, “ईर्ष्या से ग्रस्त और हताशा से घिरे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चेन्नई में एक बार फिर हमारी सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बेबुनियाद, गैर-जिम्मेदाराना और निराधार आरोप लगाने की कोशिश की है।”
त्रिवेदी ने यह आरोप भी लगाया कि गांधी ने भारत को अराजकता और विभाजन की ओर धकेलने की कोशिश करते हुए प्रधानमंत्री पर ये बेबुनियाद आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता के आधार पर उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

