Bhopal news: शहर में कॉलोनी में कारोबार और लीज शर्तों का उल्लंघन करने के बाद मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने अरेरा कॉलोनी, न्यू मार्केट, बिट्टन, अशोका गार्डन, 10 नंबर, पांच नंबर सहित शहरभर में मौजूद सैकड़ों प्रॉपर्टी की लीज निरस्त करने के नोटिस को अचानक वापस ले लिया है। हाउसिंग बोर्ड ने यह कार्रवाई तब की जब सुप्रीम कोर्ट में रिहायशी इलाकों में कमर्शियल एक्टिविटी करने के प्रकरण में किसी भी प्रकार की रियायत नहीं बरतने के सीधे निर्देश दिए गए है। सुप्रीम कोर्ट ने यहां तक कहा है कि यदि लीज नियमों का उल्लंघन हो रहा है और अनुमति के विपरीत निर्माण कर कमर्शियल एक्टिविटी की जा रही है तो संबंधित नोडल एजेंसी निर्माण को ध्वस्त भी कर सकती है।
वापस ले लिए नोटिस
एमपी हाउसिंग बोर्ड कमिश्नर गौतम सिंह ने कहा कि हमने सभी लीज नियम उल्लंघन के प्रकरण में जारी नोटिस वापस ले लिए है। भोपाल के अलावा उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में भी जो नोटिस जारी हुए थे उन्हें फिलहाल होल्ड पर रखवा दिया गया है। अरेरा कॉलोनी में एक्सटेंशन वन से लेकर एक्सटेंशन 8 तक हाउसिंग बोर्ड ने लीज पर भूखंड आवंटित किए थे। यहां रहवासी निर्माण की शर्त पर लीज जारी की गई थी। आज यहां 50 प्रतिशत से ज्यादा भूखंड पर इस समय कमर्शियल एक्टिविटी चल रही है। अरेरा रहवासी संगठन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर कार्रवाई की मांग की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने निगम को डायरेक्ट निर्देश दिए है कि ऐसे सभी निर्माण या सील कर दिए जाएं या डिमोलिश कर दिया जाए।
यह है शहर की ग्राउंड रिपोर्ट
अरेरा कॉलोनी के सैकड़ों मकान के अलावा न्यू मार्केट के आसपास और जवाहर चौक के नजदीक एमपी एमएलए क्वार्टर हाउसिंग बोर्ड द्वारा लीज पर आवंटित किए गए थे। यहां अनेक क्वार्टर्स में इन दोनों बड़ी-बड़ी दुकान संचालित की जा रही हैं। यह आवंटन पूर्व मंत्री, विधायक, मैंबर ऑफ पार्लियामेंट के नाम पर जारी किए गए थे।
अरेरा कॉलोनी, न्यू मार्केट के अलावा बिट्टन मार्केट, करोंद, अशोका गार्डन, सोना गिरी ए बी सेक्टर, अयोध्या नगर, शास्त्री नगर, जवाहर चौक, रंग महल तिराहा के आसपास हाउसिंग बोर्ड ने बड़े पैमाने पर लीज पर अपनी संपत्तियां लोगों को आवंटित की हैं। इनका बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा रहा है, इन्हीं शिकायतों के आधार पर मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने लीज निरस्त करने के नोटिस दिए थे।
अब कमेटी तय करेगी मिक्स लैंड यूज
हाउसिंग बोर्ड ने लीज नवीनीकरण प्रकरण एवं लीज नियम उल्लंघन के सभी नोटिस होल्ड करते हुए एक प्रशासनिक कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में हाउसिंग बोर्ड के इंजीनियर और अधिकारियों को शामिल किया गया है। भोपाल सहित प्रदेश के अनेक इलाकों में लीज प्रॉपर्टी का अध्ययन करने और मास्टर प्लान की समीक्षा करने के बाद अब कमेटी यह तय करेगी कि किस स्थान पर किस प्रोजेक्ट में कितने प्रतिशत मिक्स लैंड यूज को मंजूरी दी जा सकती है। कमेटी के फैसले के बाद ही लीज प्रकरण में वैध और अवैध का फैसला हो सकेगा।
भोपाल सहित पूरे प्रदेश में लीज निरस्त करने के नोटिस होल्ड कर दिए गए हैं। प्रशासमिनक समिति का गठन किया गया है। ये समिति सभी तथ्यों का आंकलन करने के बाद तय करेगी कि किस एरिया में किस प्रकार भूमि उपयोग की जा सकती है।- गौतम सिंह, आयुक्त, एमपी हाउसिंग बोर्ड

