भोजपुर साइबर पुलिस ने तीन ठगों को किया गिरफ्तार:महाराष्ट्र-गुजरात तक फैला था नेटवर्क, बैंक मार्केटिंग पदाधिकारी भी शामिल

भोजपुर साइबर पुलिस ने तीन ठगों को किया गिरफ्तार:महाराष्ट्र-गुजरात तक फैला था नेटवर्क, बैंक मार्केटिंग पदाधिकारी भी शामिल

आरा साइबर पुलिस ने ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। दूसरे के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक बैंक का मार्केटिंग पदाधिकारी भी शामिल है, जो कमीशन के बदले फर्जी तरीके से अकाउंट खुलवाने में साइबर ठगों की मदद करता था। आरोपियों की पहचान गजराजगंज ओपी क्षेत्र के बीबीगंज निवासी रोहित कुमार, मसाढ़ के मोहित कुमार और कोईलवर थाना क्षेत्र के देवरिया निवासी सुमन सौरभ चौहान के तौर पर हुई है। सुमन सौरभ चौहान एक निजी बैंक में मार्केटिंग पदाधिकारी के पद पर कार्यरत है। पुलिस ने तीन मोबाइल भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच में साइबर ठगी से जुड़े अहम साक्ष्य मिले हैं।
पूछताछ के बाद साइबर थाना को सौंपा साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने बताया कि इन फर्जी बैंक खातों से महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज थी। पीड़ितों से ठगी की गई रकम इन्हीं म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी। पांच फरवरी 2026 को आरा नगर थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ युवक दूसरे लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने रोहित कुमार और मोहित कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ और मोबाइल जांच में ठोस साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को आरा साइबर थाना को सौंप दिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया जरूरतमंद और भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। बैंककर्मियों की संलिप्तता सामने आई इसके बाद पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज गिरोह के सरगना को सौंप दिए जाते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए किया जाता था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में कुछ बैंक कर्मियों की संलिप्तता रही है। कमीशन के बदले फर्जी तरीके से खाते खुलवाने और उन्हें सक्रिय कराने में मदद की जाती थी। इसी कड़ी में बैंक मार्केटिंग पदाधिकारी सुमन सौरभ चौहान की भूमिका सामने आई, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। साइबर पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रत्येक बैंक खाता खुलवाने पर करीब तीन हजार रुपए का लालच देते थे। अब तक 26 से 27 फर्जी बैंक खाते खुलवाए गए थे। फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। आरा साइबर पुलिस ने ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। दूसरे के नाम पर बैंक खाता खुलवाकर ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक बैंक का मार्केटिंग पदाधिकारी भी शामिल है, जो कमीशन के बदले फर्जी तरीके से अकाउंट खुलवाने में साइबर ठगों की मदद करता था। आरोपियों की पहचान गजराजगंज ओपी क्षेत्र के बीबीगंज निवासी रोहित कुमार, मसाढ़ के मोहित कुमार और कोईलवर थाना क्षेत्र के देवरिया निवासी सुमन सौरभ चौहान के तौर पर हुई है। सुमन सौरभ चौहान एक निजी बैंक में मार्केटिंग पदाधिकारी के पद पर कार्यरत है। पुलिस ने तीन मोबाइल भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच में साइबर ठगी से जुड़े अहम साक्ष्य मिले हैं।
पूछताछ के बाद साइबर थाना को सौंपा साइबर डीएसपी स्नेह सेतू ने बताया कि इन फर्जी बैंक खातों से महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान से साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज थी। पीड़ितों से ठगी की गई रकम इन्हीं म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती थी। पांच फरवरी 2026 को आरा नगर थाना को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ युवक दूसरे लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने रोहित कुमार और मोहित कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ और मोबाइल जांच में ठोस साक्ष्य मिलने के बाद दोनों को आरा साइबर थाना को सौंप दिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया जरूरतमंद और भोले-भाले लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे। बैंककर्मियों की संलिप्तता सामने आई इसके बाद पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज गिरोह के सरगना को सौंप दिए जाते थे। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए किया जाता था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में कुछ बैंक कर्मियों की संलिप्तता रही है। कमीशन के बदले फर्जी तरीके से खाते खुलवाने और उन्हें सक्रिय कराने में मदद की जाती थी। इसी कड़ी में बैंक मार्केटिंग पदाधिकारी सुमन सौरभ चौहान की भूमिका सामने आई, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। साइबर पुलिस ने बताया कि आरोपी प्रत्येक बैंक खाता खुलवाने पर करीब तीन हजार रुपए का लालच देते थे। अब तक 26 से 27 फर्जी बैंक खाते खुलवाए गए थे। फिलहाल पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *