बालाघाट में भटेरा रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए किए जा रहे भू-अर्जन मुआवजे को लेकर विवाद गहरा गया है। प्रभावित रहवासियों और व्यापारियों ने मुआवजा वितरण में पक्षपात का आरोप लगाते हुए असंतोष जताया है। गुरुवार को पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि नियमानुसार मुआवजा नहीं मिला तो वे न्यायालय की शरण लेंगे। अपर्याप्त मुआवजा मिलने पर कोर्ट जाने की चेतावनी पूर्व सांसद कंकर मुंजारे ने कहा कि प्रशासन द्वारा दिया जा रहा मुआवजा अपर्याप्त है और जनता इससे संतुष्ट नहीं है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन पुनः सर्वे कराकर उचित राशि तय करे। मुंजारे ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी न होने पर वे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेंगे और सड़क पर आंदोलन करेंगे। प्रशासन पर लगा मनमर्जी और भेदभाव का आरोप अधिवक्ता प्रभु एस. बुढ्ढेकर सहित अन्य रहवासियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन मुआवजे के वितरण में भाई-भतीजावाद कर रहा है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत न्यायालय के आदेशानुसार बढ़ा हुआ मुआवजा देने की मांग की है। प्रभावितों का कहना है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के नुकसान के बदले मिलने वाली राशि नियमों के विपरीत है। एसडीएम ने प्रक्रिया को बताया पारदर्शी मुआवजा विवाद पर एसडीएम गोपाल सोनी ने कहा कि सभी चिन्हित भवन स्वामियों और दुकानदारों को कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार ही राशि दी जा रही है। उन्होंने भाई-भतीजावाद के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बताया। एसडीएम ने कहा कि यदि किसी को समस्या है तो वे सीधे प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं। 38 करोड़ की परियोजना पर संकट भटेरा मार्ग पर 38 करोड़ की लागत से 1313 मीटर लंबा और 8.4 मीटर चौड़ा ओवरब्रिज प्रस्तावित है, जिसका काम अक्टूबर 2026 तक पूरा होना है। इस परियोजना के तहत सेतु एजेंसी को 42 पिलर बनाने हैं। मुआवजे को लेकर उपजे कानूनी विवाद के कारण अब ब्रिज के समय पर निर्माण को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।


