Bharatpur : त्योहारों पर घर-घर मिठाइयां बनेंगी और इस बार उनकी मिठास जेब पर कम बोझ डालेगी। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही चीनी के थोक भाव में 1200 से 1400 रुपए प्रति क्विटल तक की गिरावट आई है। केन्द्र सरकार की ओर से चीनी का मासिक बिक्री कोटा बढ़ाए जाने के बाद बाजार में आवक और उपलब्धता बढ़ी है। इसका असर यह हुआ कि कुछ समय पहले 6200 रुपए क्विटल तक बिक रही चीनी अब 4800 से 5000 रुपए क्विटल पर आ गई है। चीनी के दामों में इस गिरावट से मिठाई कारोबारियों से लेकर आम उपभोक्ताओं तक राहत की उम्मीद जगी है।
केन्द्र सरकार ने चीनी की बिक्री व्यवस्था में बदलाव करते हुए मासिक कोटा 22 लाख टन से बढ़ाकर 26.50 लाख टन कर दिया है। अब महीने की पहली से 15 तारीख तक 13 लाख टन और 16 से 30 तारीख तक 13.50 लाख टन चीनी की बिक्री का प्रावधान किया है। हर माह स्टॉक का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य बाजार में पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखना, कालाबाजारी पर अंकुश लगाना है।
मिठाई कारोबारियों की चिंता हुई कम
भरतपुर के थोक विक्रेता बनवारी ने बताया कि चीनी के भाव में गिरावट से लोगों को राहत मिली है। पहले कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चिंता थी, लेकिन सरकारी नियंत्रण के बाद भाव में कमी आई है।
मथुरा गेट के व्यापारी लोकेश गर्ग ने कहा कि त्योहारों से पहले चीनी सस्ती होने से थोक कारोबारियों को राहत मिली है। मिठाई कारोबारियों के अनुसार चीनी के भाव बढ़ने से लागत बढ़ गई थी। अब कीमतें सामान्य स्तर पर आने से मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों के कारोबार को राहत मिलने की उम्मीद है।

