बारामती उपचुनाव: सुनेत्रा पवार की 2.18 लाख वोटों से प्रचंड जीत, तोड़ दिया अजित पवार का भी रिकॉर्ड

बारामती उपचुनाव: सुनेत्रा पवार की 2.18 लाख वोटों से प्रचंड जीत, तोड़ दिया अजित पवार का भी रिकॉर्ड

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बारामती विधानसभा उपचुनाव में प्रचंड जीत हासिल की है। एनसीपी प्रमुख ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से 2 लाख 18 हजार 930 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की है। उन्होंने बारामती में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है।

सुनेत्रा पवार ने पार्टी कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों से विजय जुलूस न निकालने की अपील की है। उन्होंने मतदाताओं द्वारा उन पर जताए गए विश्वास को अपने दिवंगत पति अजित पवार की स्मृति को समर्पित किया है और लोगों से संयम बरतने और उनके आदर्शों को प्रतिबिंबित करने वाले आचरण को बनाए रखने का आग्रह किया है।

2.18 लाख वोटों से जीत, अजित दादा को छोड़ा पीछे

सुनेत्रा पवार 2 लाख 18 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से जीत चुकी हैं। यह एक नया रिकॉर्ड है। इससे पहले 2019 में अजित पवार ने बारामती में 1 लाख 65 हजार 265 वोटों से जीत दर्ज की थी। सुनेत्रा पवार ने इस रिकॉर्ड को भी बड़े अंतर से तोड़ दिया है, जिससे उनकी जीत को ऐतिहासिक माना जा रहा है।

उपचुनाव में सुनेत्रा पवार के सामने कुल 22 उम्मीदवार मैदान में थे, लेकिन किसी भी उम्मीदवार को हजार वोटों का आंकड़ा पार करते नहीं देखा गया। करूणा मुंडे को मात्र 125 वोट और अभिजीत बिचुकले को 121 वोट मिले, जिससे मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नजर आया।

बता दें कि 28 जनवरी को तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख अजित पवार की पुणे जिले के बारामती हवाई पट्टी के पास एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई, जिस वजह से इस सीट पर उपचुनाव की जरुरत पड़ी।

अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही हैं। विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाडी (MVA) सहित किसी भी प्रमुख राजनीतिक दल ने उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारा था। लेकिन तब भी सुनेत्रा पवार के खिलाफ कुल 22 उम्मीदवार मैदान में थे।

1991 से बारामती में जीत रहे थे अजित पवार

अजित पवार पिछले कई दशकों से पवार परिवार के गढ़ माने जाने वाली बारामती विधानसभा सीट से जीतते आ रहे थे। उन्होंने विधानसभा में 8 बार बारामती का प्रतिनिधित्व किया था।

बारामती विधानसभा सीट लंबे समय से अजित पवार का गढ़ रही है। उन्होंने 1991, 1995, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019 और 2024 में यह सीट जीती थी।

2024 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने अपने भतीजे और एनसीपी (एसपी) उम्मीदवार युगेंद्र पवार को 1,00,899 वोटों से हराया था। उस चुनाव में अजित पवार को 1,81,132 वोट मिले थे, जबकि युगेंद्र पवार को 80,233 वोट मिले थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *