उत्तर प्रदेश बांदा जिले के बिसंडा कस्बे में बुधवार शाम हुआ दर्दनाक सड़क हादसा अब प्रशासनिक पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। तेज रफ्तार ट्राला की टक्कर से छह लोगों की मौत हो गई। जबकि कई घायल हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कस्बे में भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। लेकिन प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया। बकरीद से पहले हुए इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस हादसे ने पूरे इलाके को गम में डुबो दिया।
बांदा जिले के बिसंडा कस्बे में हुए भीषण सड़क हादसे के बाद लोगों का गुस्सा प्रशासन के खिलाफ फूट पड़ा। हादसे में छह लोगों की मौत के बाद ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों ने साफ कहा कि अगर समय रहते कस्बे में भारी वाहनों की नो-इंट्री लागू कर दी जाती। तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने लोगों को शांत कराने की कोशिश की। लेकिन ग्रामीण मुआवजे के साथ-साथ तत्काल भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग पर अड़े रहे। लोगों का कहना है कि रोजाना ओवरलोड बालू ट्रक तेज रफ्तार से कस्बे के अंदर से गुजरते हैं। कई बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
हादसे में बकरीद से पहले कई परिवारों की खुशियां छीन ली
हादसे ने बकरीद से पहले कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। कोर्रही गांव के रहने वाले मुबीन, जो सऊदी अरब में काम करता था। छह साल बाद दो महीने पहले ही घर लौटा था। वह त्योहार की खरीदारी करने बिसंडा जा रहा था। लेकिन रास्ते में हुए हादसे में उसकी जान चली गई। परिवार में उसके दो बेटे हैं। अब घर में मातम पसरा है।
मां ने मासूम बेटी को सीने से चिपकाया, जिससे बच गई उसकी जान
इसी ई-रिक्शा में सवार शबाना अपने 10 साल के बेटे शहबाज और तीन महीने की बेटी साफिया के साथ बाजार जा रही थी। हादसे के दौरान मां ने अपनी मासूम बेटी को सीने से चिपका लिया। जिससे बच्ची की जान बच गई। लेकिन उसका बेटा शहबाज हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गया। शबाना खुद घायल है। अस्पताल में भर्ती है।

हादसे के बाद जागा प्रशासन, नो एंट्री का कड़ाई से कराया जाएगा पालन
हादसे में ई-रिक्शा चालक समेत अन्य लोगों की भी मौत हुई है। कई परिवारों में चीख-पुकार मची हुई है। देर रात जिलाधिकारी भी मौके पर पहुंचे। लोगों को भरोसा दिलाया कि कस्बे में नो-इंट्री व्यवस्था सख्ती से लागू कराई जाएगी। साथ ही मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की बात भी कही गई है।


