Babar Azam First Class Cricket: बाबर आजम लंबे समय से पाकिस्तान के लिए टेस्ट शतक नहीं लगा सके हैं। ऐसे में लय में लौटने के लिए पाकिस्तान टेस्ट टीम के कप्तान ने घरेलू क्रिकेट खेलने का फैसला किया है।
Babar Azam struggle in Test Cricket: पाकिस्तान टेस्ट टीम के कप्तान बाबर आजम खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। ऐसे में उन्होंने घरेलू क्रिकेट का रुख किया है। इसके लिए उन्होंने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से अनुरोध किया था। इसके बाद बोर्ड ने जारी प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी ग्रेड-1 प्रथम श्रेणी टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी की व्यवस्था की है। वह टूर्नामेंट में ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (OGDCL) की ओर से बतौर गेस्ट खिलाड़ी खेलेंगे।
लंबे समय से प्रथम श्रेणी क्रिकेट से दूर रहे हैं बाबर आजम
खराब फॉर्म के बावजूद बाबर आजम लंबे समय से घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट से दूर रहे हैं। पिछले सप्ताह PCB द्वारा इस सीजन की प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी और प्रेसिडेंट्स कप के लिए घोषित आठ टीमों में भी उन्हें शामिल नहीं किया गया था। बाबर आजम ने 2019 में आखिरी बार घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला था। उस समय उन्होंने सेंट्रल पंजाब की टीम की कप्तानी करते हुए कायद-ए-आजम ट्रॉफी के फाइनल में नॉर्दर्न को हराकर खिताब जीता था।
दिसंबर 2022 के बाद नहीं लगाया कोई टेस्ट शतक
टेस्ट क्रिकेट में बाबर आजम का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों से खराब रहा है। दिसंबर 2022 के बाद उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कोई शतक नहीं लगाया है। उन्होंने कराची में न्यूजीलैंड के खिलाफ उस मुकाबले में 161 रन बनाए थे। ऐसे में बाबर की खराब फॉर्म पाकिस्तान क्रिकेट में चर्चा के सबसे बड़े मुद्दों में से एक बन गई है। यह बहस पाकिस्तान के हालिया तीन टेस्ट मैचों के इंग्लैंड दौरे के दौरान और तेज हो गई, जहां इंग्लैंड ने पाकिस्तान को 3-0 से क्लीन स्वीप किया। दूसरे और तीसरे टेस्ट में लॉर्ड्स और एजबेस्टन में इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंद के खिलाफ बाबर की कमजोरी को बार-बार उजागर किया। चोट के कारण बाबर हेडिंग्ले में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट में नहीं उतरे थे।
पाकिस्तान ICC टेस्ट टीम रैंकिंग में 9वें नंबर पर
पाकिस्तान सितंबर 2016 में ICC टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर था, लेकिन लगातार खराब प्रदर्शन का असर यह रहा कि सितंबर 2026 में वह 9वें नंबर पर पहुंच गया है। इतना ही नहीं, नौ टीमों वाली विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2026-27 तालिका में भी पाकिस्तान आखिरी पायदान पर है।
पाकिस्तान के लगातार खराब प्रदर्शन का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि पिछले 40 वर्षों में पहली बार उसका जीत-हार अनुपात 1.00 से नीचे चला गया है। पाकिस्तान के टेस्ट इतिहास में अब जीत से ज्यादा हार दर्ज हो चुकी हैं। टीम के खाते में 153 जीत और 155 हार हैं, जिससे उसका कुल जीत-हार अनुपात गिरकर 0.987 रह गया है।
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