‘एक बार विदाई दे मां…’धुन के बीच खुला जेल गेट:सुबह 3:50 बजे शहीद खुदीराम बोस को दी गई श्रद्धांजलि, 11 अगस्त 1908 को इसी वक्त दी गई थी फांसी
मुजफ्फरपुर में मंगलवार की अहले सुबह जब पूरा शहर गहरी नींद में था, तब केंद्रीय कारा के बाहर देशभक्ति और श्रद्धा का माहौल था। रात के करीब 3 बजे केंद्रीय कारा का गेट खुला। अधिकारी, जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध लोग और पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर से आए शहीद खुदीराम बोस के गांव के लोग जेल परिसर में…

