MP का ‘अमरनाथ’, जहां हर कदम पर खतरा:नागद्वारी में 7 पहाड़, 16KM की चढ़ाई; फिसले तो सीधे खाई में, साल में सिर्फ 10 दिन दर्शन
बेटा, यहां आना कोई मजबूरी नहीं… ये तो नागदेव का बुलावा है… करीब 70-75 साल के उस बुजुर्ग की सांसें तेज चल रही थीं। एक हाथ बेटे के कंधे पर था, दूसरा लाठी पर। सामने फिसलन भरी चढ़ाई थी, नीचे सैकड़ों फीट गहरी ढलान। फिर भी उनके चेहरे पर थकान से ज्यादा सुकून था। हम…

