नागोया, एक अक्टूबर अनीश भानवाला पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल के फाइनल में सातवें स्थान पर रहे जिससे भारत ने एशियाई खेलों में निशानेबाजी का अपना अभियान तीन स्वर्ण सहित कुल 15 पदकों के साथ समाप्त किया। अनीश ने फाइनल के महत्वपूर्ण चरण में पांच में से चार सटीक निशाने लगाए और 15 शॉट में कुल 11 हिट के साथ प्रतियोगिता समाप्त की। फाइनल के उस चरण में वह तीसरे स्थान के लिए बराबरी पर थे लेकिन क्वालीफिकेशन में कम स्कोर के कारण टाईब्रेकर में पिछड़ गए और आठ निशानेबाजों में सातवें स्थान पर बाहर हो गए।इससे पहले अनीश ने नियमित शीर्ष स्थानों पर रहने के बजाय तकनीकी क्वालीफिकेशन नियम के कारण फाइनल में जगह बनाई थी। अनीष 576 के स्कोर के साथ क्वालीफिकेशन में नौवें स्थान पर रहे लेकिन शीर्ष आठ से बाहर होने के बावजूद फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि प्रतियोगिता के नियम के अनुसार एक देश के अधिकतम दो निशानेबाज ही फाइनल में हिस्सा ले सकते हैं और इस नियम के तहत एक कोरियाई निशानेबाज को बाहर होना पड़ा।दक्षिण कोरिया के तीन निशानेबाजों ने क्वालीफाई किया था। अनीश को जगह तब मिली जब क्वालीफिकेशन में चौथे स्थान पर रहे सबसे निचली रैंकिंग वाले कोरियाई निशानेबाज सोंग जोंग हो (580) को हटना पड़ा। कोरिया के ली गनह्योक (588) और यून सियोयोंग (581) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।चीन के सु लियानबोफान ने एशियाई खेलों के रिकॉर्ड 592 के स्कोर के साथ क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत ने 2026 एशियाई खेलों में निशानेबाजी में तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य सहित कुल 15 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। मौजूदा खेलों में भारत के लिए कुल पदकों के लिहाज से यह संख्या केवल एथलेटिक्स से कम है।ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा भारत के लिए सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी रहीं। उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। हालांकि निशानेबाजी में इस बार जीते गए पदकों की संख्या पिछले सत्र की तुलना में कम रही।हांगझोउ में 2023 एशियाई खेलों में भारत ने निशानेबाजी में कुल 22 पदक जीते थे जो किसी एशियाई खेल में निशानेबाजी में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
नागोया, एक अक्टूबर अनीश भानवाला पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल के फाइनल में सातवें स्थान पर रहे जिससे भारत ने एशियाई खेलों में निशानेबाजी का अपना अभियान तीन स्वर्ण सहित कुल 15 पदकों के साथ समाप्त किया। अनीश ने फाइनल के महत्वपूर्ण चरण में पांच में से चार सटीक निशाने लगाए और 15 शॉट में कुल 11 हिट के साथ प्रतियोगिता समाप्त की। फाइनल के उस चरण में वह तीसरे स्थान के लिए बराबरी पर थे लेकिन क्वालीफिकेशन में कम स्कोर के कारण टाईब्रेकर में पिछड़ गए और आठ निशानेबाजों में सातवें स्थान पर बाहर हो गए।
इससे पहले अनीश ने नियमित शीर्ष स्थानों पर रहने के बजाय तकनीकी क्वालीफिकेशन नियम के कारण फाइनल में जगह बनाई थी। अनीष 576 के स्कोर के साथ क्वालीफिकेशन में नौवें स्थान पर रहे लेकिन शीर्ष आठ से बाहर होने के बावजूद फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि प्रतियोगिता के नियम के अनुसार एक देश के अधिकतम दो निशानेबाज ही फाइनल में हिस्सा ले सकते हैं और इस नियम के तहत एक कोरियाई निशानेबाज को बाहर होना पड़ा।
दक्षिण कोरिया के तीन निशानेबाजों ने क्वालीफाई किया था। अनीश को जगह तब मिली जब क्वालीफिकेशन में चौथे स्थान पर रहे सबसे निचली रैंकिंग वाले कोरियाई निशानेबाज सोंग जोंग हो (580) को हटना पड़ा। कोरिया के ली गनह्योक (588) और यून सियोयोंग (581) क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
चीन के सु लियानबोफान ने एशियाई खेलों के रिकॉर्ड 592 के स्कोर के साथ क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत ने 2026 एशियाई खेलों में निशानेबाजी में तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य सहित कुल 15 पदकों के साथ अपना अभियान समाप्त किया। मौजूदा खेलों में भारत के लिए कुल पदकों के लिहाज से यह संख्या केवल एथलेटिक्स से कम है।
ट्रैप निशानेबाज नीरू ढांडा भारत के लिए सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी रहीं। उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। हालांकि निशानेबाजी में इस बार जीते गए पदकों की संख्या पिछले सत्र की तुलना में कम रही।
हांगझोउ में 2023 एशियाई खेलों में भारत ने निशानेबाजी में कुल 22 पदक जीते थे जो किसी एशियाई खेल में निशानेबाजी में देश का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था।
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