ASI Jaswant Singh: अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने शनिवार को ASI जसवंत सिंह पर हुई फायरिंग के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में दो कथित शूटर भी शामिल हैं। जांच में आरोपियों के पाकिस्तान स्थित हैंडलर से संपर्क होने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, दो कथित शूटरों की पहचान करनवीर सिंह नंदी और गुरप्रीत उर्फ गोपी के रूप में हुई है। दोनों ज्योति/झांझोटी गांव के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने उन लोगों को भी गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोपियों को ठिकाना और शरण देने का आरोप है।
पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी की मौत
IGP (बॉर्डर रेंज) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पुलिस को शनिवार सुबह आरोपियों के बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस और CIA यूनिट की संयुक्त टीम ने थाना झंडेर क्षेत्र में तलाशी अभियान चलाया। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान एक आरोपी मोटरसाइकिल से आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में करनवीर सिंह नंदी के पैर और सीने में गोली लगी। घायल आरोपी को जंडियाला सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी की जांघ में गोली लगी, जबकि एक अन्य अधिकारी बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगने से बच गया।
ASI जसवंत सिंह पर घर जाते समय हुई थी फायरिंग
पुलिस के मुताबिक, ASI जसवंत सिंह अमृतसर कमिश्नरेट में तैनात थे और घटना के समय अपने घर जा रहे थे। रात करीब 8 बजे उन्होंने गोली चलने की आवाज सुनी और इस दौरान उन्हें गोली लग गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की थी। जांच के दौरान दो कथित शूटरों की पहचान हुई और उनके साथियों तथा उन्हें शरण देने वालों के बारे में भी जानकारी जुटाई गई।
दो पिस्तौल और कारतूस बरामद
SSP कनवलप्रीत सिंह चहल ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोटरसाइकिल, दो पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में एक आरोपी के पाकिस्तान स्थित हैंडलर से संपर्क होने के संकेत मिले हैं। IG भुल्लर के मुताबिक, विदेशी ठिकानों से संचालित हैंडलर कथित तौर पर पैसों का लालच देकर आरोपियों से वारदात करवा रहे थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश
पुलिस ने बताया कि आरोपियों से जुड़े कई भूमिगत और खुले तौर पर सक्रिय सहयोगियों की पहचान की गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों को कहां ठहराया गया था और पुलिस की कार्रवाई के बाद उन्होंने किन लोगों से संपर्क किया। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की जांच जारी है और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तथा कथित हैंडलरों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने कहा है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और जानकारी सामने आएगी।

