Andhra Student Death in USA: अमेरिका के शिकागो में आंध्र प्रदेश के युवक छात्र इरागनाबोयिना चंदू ने बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से परेशान होकर सुसाइड कर लिया। चंदू आंध्र प्रदेश के कुर्नूल जिले का रहने वाला था। उसने हाल ही में शिकागो की डिपॉल यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री पूरी की थी और कई हफ्तों से नौकरी की तलाश कर रहा था, लेकिन सफलता नहीं मिली।
बड़े सपने के साथ अमेरिका गया था चंदू
हजारों भारतीय छात्र विदेश जाकर बेहतर भविष्य बनाने का सपना देखते हैं, वैसे ही चंदू भी परिवार की उम्मीदों को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहा था। लेकिन डिग्री पूरी करने के बाद नौकरी न मिलने से वह लगातार तनाव में रहा। वह परिवार पर आर्थिक रूप से बोझ बनने और अपने पिता की मुश्किलों को लेकर भावनात्मक रूप से टूट चुका था। उसके पिता एक सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करते हैं और पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। चंदू की मौत के बाद परिवार अब दोहरी मार झेल रहा है-बेटे की मौत और उसकी पढ़ाई का भारी कर्ज।
सबसे बड़ी समस्या भारत कैसे लाए शव
परिवार के लिए सबसे बड़ी समस्या शव को भारत लाने की है। अमेरिका से शव स्वदेश लाने की लागत लगभग 25,000 डॉलर (करीब 21 लाख रुपये) बताई जा रही है, जिसमें फ्यूनरल होम सर्विसेज, कानूनी अनुमतियां और परिवहन शामिल है। यह राशि गरीब परिवार के लिए वहन करना असंभव था। चंदू के दोस्तों और भारतीय समुदाय ने तुरंत GoFundMe पर फंडरेजर शुरू किया। लक्ष्य 1,20,000 डॉलर रखा गया था, जिसमें शव वापसी के अलावा बचे हुए पैसे से परिवार के कर्ज चुकाने में मदद की जाएगी। मात्र दो दिनों में 76,000 डॉलर से ज्यादा राशि जुट चुकी है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने लिया संज्ञान
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस मामले में संज्ञान लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया यूजर से बात की और संबंधित अधिकारियों से समन्वय कर शव को सुविधाजनक तरीके से भारत लाने की प्रक्रिया तेज करने का आश्वासन दिया है। आंध्र प्रदेश मंत्री नारा लोकेश ने भी परिवार को सहायता पहुंचाने के लिए केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया।


