केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र गांधीनगर में टाइप-1 मधुमेह से पीड़ित बच्चियों के साथ रक्षाबंधन मनाया। गृह मंत्री ने कहा कि जीवनभर इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत के कारण उनके परिवारों पर काफी आर्थिक बोझ पड़ता है, जिसे अब केंद्र सरकार की एक योजना के जरिए खत्म किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत ऐसी सभी बच्चियों को जीवनभर मुफ्त इंसुलिन दिया जा रहा है।
शाह ने कहा, “इस दिशा में गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों को जीवनभर इंसुलिन उपलब्ध कराने के लिए जांच, बीमारी की पहचान, इंसुलिन/इलाज, निगरानी और फॉलो-अप की एक एकीकृत व्यवस्था बनाई गई है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ऐसे सभी बच्चों को जीवनभर मुफ्त इंसुलिन उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा, “यह दूरदर्शी पहल ‘सेवा, करुणा और सुरक्षा’ के सिद्धांतों के प्रति मोदी सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। आज कई विकसित देश भी ऐसी योजना लागू कर रहे हैं।”
शाह ने सभी बच्चियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और उनके अच्छे स्वास्थ्य व उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सरकार के एक बयान के अनुसार, शाह के नेतृत्व में गांधीनगर संसदीय क्षेत्र में 0 से 18 वर्ष की उम्र के टाइप-1 जुवेनाइल डायबिटीज से पीड़ित बच्चों को मोदी सरकार की इस पहल का लाभ मिल रहा है। शाह ने कहा कि जनसेवा केवल जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि मोदी सरकार के लिए करुणापूर्ण शासन का मार्गदर्शक सिद्धांत है। शाह ने कहा, “जब हमारी बेटियों का स्वास्थ्य सुरक्षित होगा, तभी परिवार व समाज का भविष्य सुरक्षित होगा।
रक्षाबंधन के शुभ अवसर पर हमारी बेटियों को मुफ्त इंसुलिन देने की यह पहल उनकी सुरक्षा व स्वास्थ्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।

