बर्ड फ्लू की संभावित खतरे को देखते हुए पटना जू को अलर्ट मोड में आ गया है। इसे लेकर जानवरों के खान-पान में भी बदलाव किए गए हैं। एवियरी सेक्शन में मांसाहारी पक्षियों को अब चूजों की जगह चूहे दिए जा रहे हैं। वहीं, जानवरों की खुराक से चिकन को हटाकर वैकल्पिक आहार शामिल किया गया है। इसके साथ ही पक्षियों के बाड़ों के आसपास चूना और पोटेशियम परमैंगनेट का छिड़काव नियमित रूप से हर दिन किया जा रहा है। पर्यटकों के जूतों और वाहनों के टायरों को सैनिटाइज करने के बाद ही एंट्री दी जा रही है।। कर्मचारियों को दस्ताने, मास्क पहनना है अनिवार्य इसके साथ ही जू में तैनात सभी कर्मचारियों के लिए दस्ताने, मास्क और अलग ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया गया है। बाड़ों से बाहर निकलने के बाद कर्मियों को खुद को सैनिटाइज करने के निर्देश दिए गए हैं। हाल के दिनों में आईजीआईएमएस परिसर में 15 से 20 मृत पक्षी पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग और वन विभाग की चिंता बढ़ गई थी। 2018 में छह मोरों की मौत के बाद H5NA वायरस की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद जू को करीब 20 दिनों तक बंद रखना पड़ा था। इसे लेकर ऐहतियात बरते जा रहे हैं। पोटेशियम परमैंगनेट मिले पानी के साथ कार्पेट बिछाए गए पटना जू में एहतियातन कई कड़े और जरूरी कदम उठाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह का संक्रमण जू के अंदर न प्रवेश कर सके और न ही जू के बाहर फैले। पटना जू प्रशासन का कहना है कि पशु-पक्षियों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। गेट नंबर-2 और मुख्य गेट पर पर्यटकों के लिए पोटेशियम परमैंगनेट मिले पानी के साथ कार्पेट बिछाए गए हैं। बर्ड फ्लू की संभावित खतरे को देखते हुए पटना जू को अलर्ट मोड में आ गया है। इसे लेकर जानवरों के खान-पान में भी बदलाव किए गए हैं। एवियरी सेक्शन में मांसाहारी पक्षियों को अब चूजों की जगह चूहे दिए जा रहे हैं। वहीं, जानवरों की खुराक से चिकन को हटाकर वैकल्पिक आहार शामिल किया गया है। इसके साथ ही पक्षियों के बाड़ों के आसपास चूना और पोटेशियम परमैंगनेट का छिड़काव नियमित रूप से हर दिन किया जा रहा है। पर्यटकों के जूतों और वाहनों के टायरों को सैनिटाइज करने के बाद ही एंट्री दी जा रही है।। कर्मचारियों को दस्ताने, मास्क पहनना है अनिवार्य इसके साथ ही जू में तैनात सभी कर्मचारियों के लिए दस्ताने, मास्क और अलग ड्रेस कोड अनिवार्य कर दिया गया है। बाड़ों से बाहर निकलने के बाद कर्मियों को खुद को सैनिटाइज करने के निर्देश दिए गए हैं। हाल के दिनों में आईजीआईएमएस परिसर में 15 से 20 मृत पक्षी पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग और वन विभाग की चिंता बढ़ गई थी। 2018 में छह मोरों की मौत के बाद H5NA वायरस की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद जू को करीब 20 दिनों तक बंद रखना पड़ा था। इसे लेकर ऐहतियात बरते जा रहे हैं। पोटेशियम परमैंगनेट मिले पानी के साथ कार्पेट बिछाए गए पटना जू में एहतियातन कई कड़े और जरूरी कदम उठाए गए हैं, ताकि किसी भी तरह का संक्रमण जू के अंदर न प्रवेश कर सके और न ही जू के बाहर फैले। पटना जू प्रशासन का कहना है कि पशु-पक्षियों की सुरक्षा सबसे पहली प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। गेट नंबर-2 और मुख्य गेट पर पर्यटकों के लिए पोटेशियम परमैंगनेट मिले पानी के साथ कार्पेट बिछाए गए हैं।


