AI और CBT से खत्म होगा Paper Leak का खेल, Nandan Nilekani समिति कर रही बड़े सुधारों पर काम

AI और CBT से खत्म होगा Paper Leak का खेल, Nandan Nilekani समिति कर रही बड़े सुधारों पर काम

UIDAI के पूर्व चेयरमैन और इंफोसिस के को-फ़ाउंडर नंदन नीलेकणि ने पेपर लीक और धोखाधड़ी को रोकने के लिए परीक्षा वाले दिन ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके प्रश्न-पत्र तैयार करने का सुझाव दिया। 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में ब्लूमबर्ग इकोनॉमिक फ़ोरम में बोलते हुए, नीलेकणि ने उन सिस्टम की कमियों के बारे में बताया जिनकी वजह से पेपर लीक करने का आर्थिक फ़ायदा मिलता है। उन्होंने कहा कि प्रश्न-पत्रों को बेचने से आर्थिक फ़ायदा होता है। इसलिए, इसका समाधान यह है कि प्रश्नों का एक बहुत बड़ा बैंक हो और परीक्षा वाले दिन ही आखिरी समय में प्रश्न-पत्र तैयार किया जाए। इससे ‘एक’ प्रश्न-पत्र वाली बात ही खत्म हो जाएगी और उसे बेचने से कोई आर्थिक फ़ायदा नहीं होगा। इस समस्या को हल करने का यह एक तरीका हो सकता है।

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उन्होंने देश भर में कंप्यूटर-बेस्ड टेस्टिंग (CBT) सिस्टम लागू करने की तुरंत ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि दूसरी बात यह है कि सभी परीक्षाएं कंप्यूटर-बेस्ड टेस्टिंग के ज़रिए हों, और इसके लिए कई जगहों पर नेटवर्क की ज़रूरत है। हमारे पास 1,50,000 ऐसी जगहें हैं जहाँ कोई लड़का या लड़की परीक्षा दे सकता है। इसे और बढ़ाने की ज़रूरत है। इन सुधारों पर काम करने वाली कमेटी के प्रमुख नीलेकणि ने सरकार के समर्थन पर भरोसा जताया और कहा कि मुझे लगता है कि ये सभी सिस्टम से जुड़े मुद्दे हैं जिन पर हमारी कमेटी काम करेगी। और प्रधानमंत्री हमारे फैसलों को लागू करने के लिए बहुत उत्सुक हैं।

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जब उनसे पूछा गया कि क्या वे ऐसे भविष्य की कल्पना कर सकते हैं जहाँ AI परीक्षा वाले दिन ही अपने-आप परीक्षा के पेपर तैयार कर ले, तो उन्होंने जवाब दिया, “हाँ। ज़रूर। हाँ।” भारत में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के 500 से ज़्यादा प्रभावशाली नेता “अ वर्ल्ड इन प्ले: डिफाइनिंग द न्यू लीवर्स ऑफ़ पावर” (A World in Play: Defining the New Levers of Power) थीम के तहत एक साथ आए। इसमें शामिल लोगों ने जियोपॉलिटिकल बदलावों, उभरते जोखिमों और मौकों, और भविष्य की खुशहाली के लिए रणनीतियों पर चर्चा की।

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