Ahmedabad: शहर के कालूपुर क्षेत्र में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में मौजूद आरबीआइ की करेंसी चेस्ट से 8.70 करोड़ रुपए की नकदी चोरी होने के मामले में आरोपी हरसिद्ध कडियार को गिरफ्तार किया गया। शहर के जोन-3 उपायुक्त की लोकल क्राइम ब्रांच (एलसीबी) टीम ने कडियार को सोला क्षेत्र में एनएफसी रोड पर स्थित एवरेस्ट एन्क्लेव से आरोपी को पकड़ा जो बैंक ऑफ बड़ौदा की कालूपुर शाखा में आरबीआइ करेंसी चेस्ट का संयुक्त संरक्षक था। उसके पास से 2.20 करोड़ रुपए की नकदी भी बरामद की है।
पुलिस ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि आरोपी हर्षसिद्ध कडियार बैंक ऑफ बड़ौदा की कालूपुर शाखा में स्थित आरबीआइ करेंसी चेस्ट का संयुक्त संरक्षक था। 8.70 करोड़ की नकदी गायब होने की शिकायत बैंक के जिम्मेदार व्यक्ति की ओर से गत 15 मई को कालूपुर थाने में दर्ज कराई गई। प्राथमिकी में कहा गया कि नए संरक्षकों द्वारा किए गए ऑडिट और सत्यापन में 500 के नोटों में 8.70 करोड़ की कमी पाई गई।
स्क्रैप का बॉक्स बताकर बैंक से बाहर ले गया नकदी
जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि कडियार ने ही करेंसी चेस्ट से 500 रुपए की रिम चोरी की थी। कथित तौर पर नकदी से भरे तीन बक्सों में कबाड़ (स्क्रैप) सामग्री होने की बात कहकर उन्हें बाहर ले गया था। इन बक्सों में 500 की दर की 174 रीम थी। बैंक में पेटी की लोडिंग अनलोडिंग का काम करने वाले जुल्फीकार और सुल्तान अंसारी की भी मिलीभगत थी। तीन में से दो पेटियां कडियार ने ले लीं, जिसमें सात से आठ करोड़ रुपए थे, जबकि एक पेटी जुल्फीकार और सुलतान को दे दी। उसमें करीब एक करोड़ रुपए थे।पुलिस ने कहा कि कडियार कथित चोरी के बाद लगभग तीन महीने तक काम करता रहा, यह मानते हुए कि सीसीटीवी फुटेज 90 दिनों बाद स्वतः हट जाएगी। गत 13 अप्रेल को उसने बैंक को बताया कि वह अस्वस्थ है और उसने छुट्टी ले ली। मेडिकल लीव बढ़ाने के बाद उसने 20 अप्रेल से ड्यूटी पर आना बंद कर दिया।
क्रिप्टो, बंगले-दुकान में लगाया पैसा
जांचकर्ताओं ने बताया कि आरोपी पहले ही चोरी की रकम का बड़ा हिस्सा खर्च कर चुका है। उसने चांदखेड़ा में 2 करोड़ से अधिक मूल्य का एक बंगला और 1.40 करोड़ की एक दुकान खरीदी। एक छोटा कॉमर्शियल वाहन भी खरीदा। कुछ रकम क्रिप्टोकरेंसी में भी निवेश की है। कडियार ने कथित तौर पर अपनी महिला सहकर्मी को मकान खरीदने के लिए 28 लाख रुपए दिए हैं। अधिकारी इन लेन-देन की जांच कर रहे हैं। आरोपी पिछले 15 वर्षों से बैंक ऑफ बड़ौदा में काम कर रहा था।
घूमने गया मनाली
पुलिस ने यह भी बताया कि मामला सामने आने के बाद कडियार अपने परिवार के साथ मनाली गया। लेकिन जब उसे पता चला कि शिकायत दर्ज हो गई है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है, तो वह कथित तौर पर फरार हो गया। बताया जाता है कि उसकी पत्नी रेलवे पुलिस में हेड कांस्टेबल के रूप में कार्यरत है। जांचकर्ता यह देख रहे हैं कि क्या उसे इस मामले की जानकारी थी या उसकी कोई संलिप्तता है। इस मामले में कडियार के साथ बैंक में चेस्ट की लोडिंग अनलोडिंग से जुड़े सुल्तान अंसारी और जुल्फिकार अंसारी फरार हैं। हालांकि पुलिस ने इन दोनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।


