Ahmedabad: टमाटर डाले बिना बना रहे थे टोमेटो सॉस, मनपा ने गोता में सील की ईकाई

Ahmedabad: टमाटर डाले बिना बना रहे थे टोमेटो सॉस, मनपा ने गोता में सील की ईकाई

Ahmedabad. शहर में टमाटर सॉस को टमाटर के बिना ही बनाकर बेचने का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मनपा के खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को गोता क्षेत्र में आइ श्री खोडियार गृह उद्योग इकाई में जांच की जिसमें टोमेटो सॉस में टमाटर की ही मौजूदगी नहीं मिली। इसके बाद टीम ने इकाई को सील कर दिया। इतना ही नहीं, यहां मौजूद 10 हजार किलो से ज्यादा तैयार उत्पाद और कच्चे माल की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है जिसकी बाजार में कीमत 4.20 लाख से ज्यादा है।

मनपा के अनुसार खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को गोता क्षेत्र के मेलडी एस्टेट में स्थित इस इकाई में में जांच की गई। यहां पर आर.के.फ्रूट कोर्डिअल, फ्रूट्स स्क्वेश नाम के खाद्य उत्पाद बनाया जा रहा था जिसमें कई विसंगतियां सामने आईं।

आलू और स्टार्च से तैयार हो रहा था सॉस

जांच के दौरान पाया गया कि उत्पाद बनाने में पानी, चीनी, स्टार्च पाउडर, आलू, नमक, रंग, एसिटिक एसिड, प्रिजर्वेटिव और स्टेबिलाइजर पदार्थ मिलाए जा रहे थे। इससे तैयार उत्पाद दिखने में टोमेटो सॉस जैसा लगता था, लेकिन इसे बनाने के किसी भी चरण में टमाटर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। विभाग के अनुसार, टमाटर का उपयोग किए बिना टोमेटो सॉस जैसा दिखने वाला उत्पाद पेश करने से ग्राहकों को उसकी वास्तविक प्रकृति को लेकर भ्रम हो सकता है।

लेबल के घटकों के बिल भी नहीं दिखाए

उत्पाद के लेबल पर पानी, फ्रूट पल्प, चीनी, मिर्च पाउडर, स्टेबिलाइजर, नमक, एसिडिटी रेक्युलेटर, सिंथेटिक फूड कलर और अन्य जैसे घटक लिखे हुए थे। विभाग ने लेबल पर दर्शाए घटकों के वास्तविक उपयोग और उनकी खरीद की पुष्टि के लिए संबंधित बिल मांगे तो ये बिल प्रस्तुत नहीं किए गए। पैकेज पर उत्पाद की सही पहचान और घटकों की उचित जानकारी देने के बजाय भ्रामक प्रस्तुति तथा लेबलिंग संबंधी अनियमितताएं भी सामने आईं।

सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में इकाई को सील करने के साथ तैयार उत्पाद और अन्य कच्चे माल के करीब 10,630 किलोग्राम भंडार की बिक्री और वितरण रोक दिया है। विभाग ने स्टार्च पाउडर, सिंथेटिक फूड कलर, आलू का पेस्ट, टोमेटो पेस्ट के रूप में दर्शाए गए उत्पाद और फ्रूट स्क्वॉश के पांच नमूने जांच के लिए लिए हैं। लैब रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एफएसएसएआइ लाइसेंस किया जाएगा रद्द

मनपा के अनुसार इकाई का एफएसएसएआइ लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया की जाएगी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 3(1)(जेडएफ) के तहत गलत या भ्रामक प्रस्तुति और नियमों के अनुरूप लेबलिंग नहीं होने पर खाद्य उत्पाद को ‘मिसब्रांडेड फूड’ की श्रेणी में रखा जा सकता है। अधिनियम की धारा 23 पैकेजिंग और लेबलिंग में भ्रामक प्रस्तुति को प्रतिबंधित करती है, जबकि धारा 26 के तहत नियमों का पालन करना खाद्य कारोबार संचालक की जिम्मेदारी है। मिसब्रांडिंग साबित होने पर धारा 52 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

पिराणा में 2 दिन पहले ऐसी ही इकाई सील

ज्ञात हो कि दो दिन पहले गुरुवार को ही शहर के पिराणा क्षेत्र में भी टमाटर के बिना टोमेटो सॉस बनाने वाली इकाई को सील किया गया था। इस तरह यह तीन दिनों में ऐसी दूसरी घटना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *