नोएडा: युवराज की मौत के बाद रोड सेफ्टी पर एक्शन:65 ब्लैक स्पॉट चिह्नित, 50 पाइंट पर डेवलपर करेगा काम, ड्रेनेज सिस्टम का होगा सर्वे

नोएडा: युवराज की मौत के बाद रोड सेफ्टी पर एक्शन:65 ब्लैक स्पॉट चिह्नित, 50 पाइंट पर डेवलपर करेगा काम, ड्रेनेज सिस्टम का होगा सर्वे

युवराज की दर्दनाक मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। शहर में रोड सेफ्टी की पोल खोलने वाली इस घटना के बाद प्राधिकरण ने ऐसे प्लाट जो सड़क किनारे है। जिनमें वॉटर लॉगिंग या बेसमेंट खुदे है। सेफ्टी फीचर नहीं है। ऐसे 65 स्थान चिह्नित किए। जहां बुनियादी रोड सेफ्टी फीचर मौजूद नहीं हैं। इन पॉइंट्स को गंभीर मानते हुए प्राधिकरण ने तय समय में सुधार कराने का फैसला लिया है। 50 पॉइंट डेवलपर्स के, अब नहीं मिलेगी ढील
प्राधिकरण के सर्वे में सामने आया कि चिह्नित 65 रोड सेफ्टी पॉइंट्स में से 50 सीधे तौर पर निजी डेवलपर्स से जुड़े हुए हैं। इन स्थानों पर न तो बैरिकेडिंग है, न चेतावनी संकेतक, न रिफ्लेक्टर और न ही सुरक्षा मानकों के अनुरूप रोड डिजाइन है। प्राधिकरण ने इन सभी डेवलपर्स को 3 से 5 दिन का समय देगा। इनको नोटिस जारी करेगा। इस दौरान अगर रोड सेफ्टी के जरूरी काम पूरे नहीं किए गए तो संबंधित डेवलपर्स पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। 15 स्थानों पर प्राधिकरण खुद करेगा रोड सेफ्टी सुधार
सर्वे के दौरान 15 ऐसे पॉइंट भी सामने आए हैं, जहां रोड सेफ्टी की जिम्मेदारी सीधे नोएडा प्राधिकरण की है। इन स्थानों पर सुरक्षा रेलिंग, साइनेज, रोड मार्किंग, स्ट्रीट लाइट और अन्य जरूरी इंतजाम खुद प्राधिकरण कराएगा। इन कामों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके। 20 गांवों में सुधरेगा ड्रेनेज सिस्टम, 7 को मिली मंजूरी
युवराज की मौत के बाद सिर्फ सड़कों ही नहीं, बल्कि जलभराव और ड्रेनेज सिस्टम को लेकर भी प्राधिकरण हरकत में आ गया है। शहर के 20 गांवों में संपवेल और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने की योजना बनाई गई है। इनमें से 7 गांवों के प्रोजेक्ट को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, जबकि बाकी पर प्रक्रिया चल रही है। प्राधिकरण का मानना है कि जलभराव ही कई हादसों की बड़ी वजह बनता है। पूरे शहर का ड्रेनेज सर्वे होगा, खामियां होंगी चिह्नित
प्राधिकरण ने यह भी फैसला लिया है कि पूरे नोएडा शहर का व्यापक ड्रेनेज सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे में कमजोर ड्रेनेज पॉइंट्स, ओवरफ्लो जोन और जलभराव वाले इलाकों की पहचान की जाएगी।अधिकारियों का कहना है कि अब हादसों के बाद नहीं, बल्कि पहले ही खतरे को पहचान कर काम किया जाएगा।

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