AFC Under-20 क्वालीफायर में मजबूत सीरिया के खिलाफ अपनी रणनीति पर पूरा ध्यान रखेगी भारतीय Football टीम

AFC Under-20 क्वालीफायर में मजबूत सीरिया के खिलाफ अपनी रणनीति पर पूरा ध्यान रखेगी भारतीय Football टीम

भारतीय टीम सोमवार को एएफसी अंडर-20 एशियाई कप चीन 2027 क्वालीफायर में सीरिया के खिलाफ मुकाबले से अपने अभियान की शुरुआत करेगी। डोस्तलिक स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में भारत की नजर इस स्तर पर सीरिया के खिलाफ पहली जीत दर्ज करने पर होगी। दोनों टीम अब तक प्रतिस्पर्धी फुटबॉल में केवल दो बार आमने-सामने हुई हैं और दोनों मुकाबलों में भारत को हार मिली है।1996 के एएफसी युवा चैंपियनशिप में भारत 0-1 और 2004 में 1-2 से हारा था। भारत के मुख्य कोच महेश गवली ने सीरिया को अनुभवी और मजबूत टीम बताते हुए कहा कि उनकी टीम का मुख्य ध्यान अपनी रणनीति पर अमल करने और पूरे 90 मिनट तक अनुशासित रहने पर होगा। गवली ने कहा, ‘‘सीरिया एक अच्छी और इस स्तर पर काफी अनुभवी टीम है।इसे भी पढ़ें: Sunil Chhetri ने कहा Indian Football को पटरी पर लाने के लिए मिलकर काम करें AIFF और खिलाड़ीहम उसका सम्मान करते हैं। हमने उसकी टीम का अध्ययन किया है और हमें अंदाजा है कि मुकाबले में क्या उम्मीद की जा सकती है। हमारा मुख्य ध्यान अपने खेल पर रहेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब गेंद हमारे पास ना रहे तब भी हमें अपने खेल में अच्छी तरह व्यवस्थित रहना होगा और जब भी मौके मिलें उनका पूरा फायदा उठाना होगा।इसे भी पढ़ें: FPAI Awards में छांगते बने सर्वश्रेष्ठ भारतीय फुटबॉलर, मनीषा कल्याण भी सम्मानितमुकाबला कड़ा होने की उम्मीद है और हमें पूरे 90 मिनट तक अपना ध्यान बनाए रखना होगा।’’ सीरिया की टीम 1994 में एएफसी अंडर-19 चैंपियनशिप का खिताब जीत चुकी है और हाल की दो एएफसी अंडर-20 एशियाई कप प्रतियोगिताओं के लिए भी क्वालीफाई कर चुकी है। नीदरलैंड के अर्नो ब्यूटेनवेग के मार्गदर्शन में खेल रही सीरिया की टीम भारत के लिए अभियान की चुनौतीपूर्ण शुरुआत पेश करेगी। भारत को अच्छी तरह पता है कि उज्बेकिस्तान और बांग्लादेश जैसी टीमों वाले ग्रुप बी में गलती की कोई खास गुंजाइश नहीं होगी।भारत 2006 के बाद पहली बार इस टूर्नामेंट में जगह बनाने का लक्ष्य लेकर उतरा है। भारत पिछली बार 2025 क्वालीफायर में बेहद करीब जाकर चूक गया था और गोल अंतर के कारण सर्वश्रेष्ठ उपविजेता टीम में जगह नहीं बना सका था। मौजूदा टीम ने क्वालीफायर से पहले लंबे समय तक तैयारी की है।इसे भी पढ़ें: Pranavi Urs ने Irish Open में 3 अंडर 69 के स्कोर से की शानदार शुरुआतअगस्त में भारत ने सिंगापुर और यमन के खिलाफ चार अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच खेले, जिनमें सिंगापुर को दोनों बार हराया जबकि यमन के खिलाफ एक मैच ड्रॉ रहा और दूसरे में जीत दर्ज की। टीम बृहस्पतिवार को ताशकंद पहुंची और अब तक तीन अभ्यास सत्र कर चुकी है। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू होगा। 

भारतीय टीम सोमवार को एएफसी अंडर-20 एशियाई कप चीन 2027 क्वालीफायर में सीरिया के खिलाफ मुकाबले से अपने अभियान की शुरुआत करेगी। डोस्तलिक स्टेडियम में होने वाले मुकाबले में भारत की नजर इस स्तर पर सीरिया के खिलाफ पहली जीत दर्ज करने पर होगी। दोनों टीम अब तक प्रतिस्पर्धी फुटबॉल में केवल दो बार आमने-सामने हुई हैं और दोनों मुकाबलों में भारत को हार मिली है।

1996 के एएफसी युवा चैंपियनशिप में भारत 0-1 और 2004 में 1-2 से हारा था। भारत के मुख्य कोच महेश गवली ने सीरिया को अनुभवी और मजबूत टीम बताते हुए कहा कि उनकी टीम का मुख्य ध्यान अपनी रणनीति पर अमल करने और पूरे 90 मिनट तक अनुशासित रहने पर होगा। गवली ने कहा, ‘‘सीरिया एक अच्छी और इस स्तर पर काफी अनुभवी टीम है।

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हम उसका सम्मान करते हैं। हमने उसकी टीम का अध्ययन किया है और हमें अंदाजा है कि मुकाबले में क्या उम्मीद की जा सकती है। हमारा मुख्य ध्यान अपने खेल पर रहेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब गेंद हमारे पास ना रहे तब भी हमें अपने खेल में अच्छी तरह व्यवस्थित रहना होगा और जब भी मौके मिलें उनका पूरा फायदा उठाना होगा।

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मुकाबला कड़ा होने की उम्मीद है और हमें पूरे 90 मिनट तक अपना ध्यान बनाए रखना होगा।’’ सीरिया की टीम 1994 में एएफसी अंडर-19 चैंपियनशिप का खिताब जीत चुकी है और हाल की दो एएफसी अंडर-20 एशियाई कप प्रतियोगिताओं के लिए भी क्वालीफाई कर चुकी है। नीदरलैंड के अर्नो ब्यूटेनवेग के मार्गदर्शन में खेल रही सीरिया की टीम भारत के लिए अभियान की चुनौतीपूर्ण शुरुआत पेश करेगी। भारत को अच्छी तरह पता है कि उज्बेकिस्तान और बांग्लादेश जैसी टीमों वाले ग्रुप बी में गलती की कोई खास गुंजाइश नहीं होगी।

भारत 2006 के बाद पहली बार इस टूर्नामेंट में जगह बनाने का लक्ष्य लेकर उतरा है। भारत पिछली बार 2025 क्वालीफायर में बेहद करीब जाकर चूक गया था और गोल अंतर के कारण सर्वश्रेष्ठ उपविजेता टीम में जगह नहीं बना सका था। मौजूदा टीम ने क्वालीफायर से पहले लंबे समय तक तैयारी की है।

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अगस्त में भारत ने सिंगापुर और यमन के खिलाफ चार अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच खेले, जिनमें सिंगापुर को दोनों बार हराया जबकि यमन के खिलाफ एक मैच ड्रॉ रहा और दूसरे में जीत दर्ज की। टीम बृहस्पतिवार को ताशकंद पहुंची और अब तक तीन अभ्यास सत्र कर चुकी है। यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू होगा।

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