इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को लेकर फैली अफवाहों का असर औरंगाबाद में घरेलू गैस आपूर्ति पर कुछ समय के लिए जरूर पड़ा, लेकिन अब स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। जिला प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए अहम कदम उठाए हैं और आम लोगों से घबराने के बजाय संयम बनाए रखने की अपील की है। आज कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी ने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले की 37 गैस एजेंसियों के पास कुल 11,150 भरे हुए सिलेंडर उपलब्ध हैं। हालांकि अफवाहों के चलते उपभोक्ताओं की ओर से की गई पैनिक बुकिंग से दो दिनों का बैकलॉग जरूर बना, लेकिन अब व्यवस्था पटरी पर लौट रही है। वर्तमान में बुकिंग के 48 घंटे के भीतर गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। भीड़ को देखते हुए गोदाम से गैस वितरण भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने गैस गोदामों से सीधे वितरण पर रोक लगा दी है। इसके स्थान पर होम डिलीवरी व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को बिना भीड़-भाड़ के उनके घर तक गैस उपलब्ध कराई जा सके। इस कदम से न सिर्फ व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि अफरा-तफरी की स्थिति भी खत्म होगी। उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया गया है, जहां शिकायतों का निपटारा किया जा रहा है। पहले कुछ शिकायतें सामने आई थीं कि बिना गैस दिए ही डिलीवरी दिखा दी जाती थी, लेकिन अब ऐसी समस्याओं को दूर कर लिया गया है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जिन उपभोक्ताओं ने पहले बुकिंग की है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। पाइपलाइन से जुड़े 1513 उपभोक्ता प्रशासन ने उन क्षेत्रों के लोगों और रेस्टोरेंट संचालकों से, जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध है, पीएनजी कनेक्शन लेने की अपील की है। जिले में अब तक 1,513 उपभोक्ता पीएनजी से जुड़ चुके हैं और उन्हें नियमित आपूर्ति मिल रही है। घरेलू गैस के दुरुपयोग और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले में 16 धावा दलों का गठन किया गया है, जो विभिन्न प्रखंडों और जिला मुख्यालय में सक्रिय रहकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस के अवैध उपयोग पर नजर रखेंगे। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की भी कोई कमी नहीं है। 115 पेट्रोल पंपों पर ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें और अनावश्यक खरीदारी से बचें, ताकि व्यवस्था सुचारु बनी रहे। इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को लेकर फैली अफवाहों का असर औरंगाबाद में घरेलू गैस आपूर्ति पर कुछ समय के लिए जरूर पड़ा, लेकिन अब स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। जिला प्रशासन ने हालात को नियंत्रित करने के लिए अहम कदम उठाए हैं और आम लोगों से घबराने के बजाय संयम बनाए रखने की अपील की है। आज कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्वेता प्रियदर्शी ने स्पष्ट किया कि जिले में गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले की 37 गैस एजेंसियों के पास कुल 11,150 भरे हुए सिलेंडर उपलब्ध हैं। हालांकि अफवाहों के चलते उपभोक्ताओं की ओर से की गई पैनिक बुकिंग से दो दिनों का बैकलॉग जरूर बना, लेकिन अब व्यवस्था पटरी पर लौट रही है। वर्तमान में बुकिंग के 48 घंटे के भीतर गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा रहा है। भीड़ को देखते हुए गोदाम से गैस वितरण भीड़ और अव्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने गैस गोदामों से सीधे वितरण पर रोक लगा दी है। इसके स्थान पर होम डिलीवरी व्यवस्था को पूरी तरह लागू किया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को बिना भीड़-भाड़ के उनके घर तक गैस उपलब्ध कराई जा सके। इस कदम से न सिर्फ व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि अफरा-तफरी की स्थिति भी खत्म होगी। उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया गया है, जहां शिकायतों का निपटारा किया जा रहा है। पहले कुछ शिकायतें सामने आई थीं कि बिना गैस दिए ही डिलीवरी दिखा दी जाती थी, लेकिन अब ऐसी समस्याओं को दूर कर लिया गया है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जिन उपभोक्ताओं ने पहले बुकिंग की है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जा रही है। पाइपलाइन से जुड़े 1513 उपभोक्ता प्रशासन ने उन क्षेत्रों के लोगों और रेस्टोरेंट संचालकों से, जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध है, पीएनजी कनेक्शन लेने की अपील की है। जिले में अब तक 1,513 उपभोक्ता पीएनजी से जुड़ चुके हैं और उन्हें नियमित आपूर्ति मिल रही है। घरेलू गैस के दुरुपयोग और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिले में 16 धावा दलों का गठन किया गया है, जो विभिन्न प्रखंडों और जिला मुख्यालय में सक्रिय रहकर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस के अवैध उपयोग पर नजर रखेंगे। शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की भी कोई कमी नहीं है। 115 पेट्रोल पंपों पर ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से दूर रहें और अनावश्यक खरीदारी से बचें, ताकि व्यवस्था सुचारु बनी रहे।


