भागलपुर के बरारी स्थित सरकारी कुक्कुट पालन केंद्र में 2 अप्रैल से अब तक 2700 मुर्गों की मौत हो चुकी है। पशुपालन विभाग की जांच रिपोर्ट भी सामने आई है, जिसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जिसके बाद प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। मंगलवार को पटना से आई नौ सदस्यीय टीम ने पूरे परिसर को सैनिटाइज किया। परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया है। साथ ही, एपिसेंटर से एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के पक्षियों की खरीद-बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, 10 किलोमीटर के दायरे में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। टीम सुबह से लगातार सैनिटाइजेशन कार्य में जुटी हुई है। जिला प्रशासन की ओर से आदेश जारी क्षेत्रीय कुक्कुट प्रक्षेत्र के सहायक निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्र को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संक्रमण के केंद्र और उसके एक किलोमीटर के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के संयुक्त हस्ताक्षर से आदेश जारी किया जा चुका है। प्रवासी पक्षियों के संपर्क से वायरस का संक्रमण प्रतिबंधित क्षेत्र में सभी आवश्यक कार्रवाई जिला पशुपालन पदाधिकारी की देखरेख में की जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में सैनिटाइजेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है। ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। प्रक्षेत्र के आसपास हरियाली और सुंदरवन क्षेत्र होने के कारण साइबेरियन सहित अन्य प्रवासी पक्षियों का आना-जाना लगा रहता है। आशंका है कि इन्हीं प्रवासी पक्षियों के संपर्क से वायरस का संक्रमण फैला हो। सावधानी बरतने की अपील निदेशक अरविंद कुमार ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। अच्छी तरह पकाया गया चिकन और अंडा पूरी तरह सुरक्षित है। भारतीय खानपान पद्धति में मांस को लगभग 100 डिग्री सेल्सियस पर पकाया जाता है, जबकि यह वायरस 70 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर ही निष्क्रिय हो जाता है। इसलिए पका हुआ चिकन और अंडा खाने में कोई खतरा नहीं है। अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है। भागलपुर के बरारी स्थित सरकारी कुक्कुट पालन केंद्र में 2 अप्रैल से अब तक 2700 मुर्गों की मौत हो चुकी है। पशुपालन विभाग की जांच रिपोर्ट भी सामने आई है, जिसमें बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। जिसके बाद प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। मंगलवार को पटना से आई नौ सदस्यीय टीम ने पूरे परिसर को सैनिटाइज किया। परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया है। साथ ही, एपिसेंटर से एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के पक्षियों की खरीद-बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, 10 किलोमीटर के दायरे में भी निगरानी बढ़ा दी गई है। टीम सुबह से लगातार सैनिटाइजेशन कार्य में जुटी हुई है। जिला प्रशासन की ओर से आदेश जारी क्षेत्रीय कुक्कुट प्रक्षेत्र के सहायक निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्र को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संक्रमण के केंद्र और उसके एक किलोमीटर के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है। इस संबंध में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के संयुक्त हस्ताक्षर से आदेश जारी किया जा चुका है। प्रवासी पक्षियों के संपर्क से वायरस का संक्रमण प्रतिबंधित क्षेत्र में सभी आवश्यक कार्रवाई जिला पशुपालन पदाधिकारी की देखरेख में की जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में सैनिटाइजेशन का कार्य शुरू कर दिया गया है। ताकि संक्रमण के प्रसार को रोका जा सके। प्रक्षेत्र के आसपास हरियाली और सुंदरवन क्षेत्र होने के कारण साइबेरियन सहित अन्य प्रवासी पक्षियों का आना-जाना लगा रहता है। आशंका है कि इन्हीं प्रवासी पक्षियों के संपर्क से वायरस का संक्रमण फैला हो। सावधानी बरतने की अपील निदेशक अरविंद कुमार ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। अच्छी तरह पकाया गया चिकन और अंडा पूरी तरह सुरक्षित है। भारतीय खानपान पद्धति में मांस को लगभग 100 डिग्री सेल्सियस पर पकाया जाता है, जबकि यह वायरस 70 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर ही निष्क्रिय हो जाता है। इसलिए पका हुआ चिकन और अंडा खाने में कोई खतरा नहीं है। अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।


