कानपुर के घंटाघर चौराहा पर एडिशनल सीपी के जाम में फंसने पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर और दरोगा समेत तीन पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया। डीजीपी के निर्देश पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर (कानून एवं व्यवस्था) विपिन ताड़ा घंटाघर चौराहे का निरीक्षण करने पहुंचे थे, इस दौरान जाम में खुद फंसे और चौतरफ अव्यवस्था देखने पर उनहोंने सख्त एक्शन लिया। इसके बाद डीसीपी ट्रैफिक समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में जुट गए। चेतावनी के बाद सुधार नहीं होने पर लिया एक्शन डीजीपी राजीव कृष्ण ने यूपी के प्रमुख शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने प्रदेश स्तर पर सुगम यातायात योजना Reducing traffic congestion ( RTC) स्कीम के तहत कानपुर में पुलिस कमिश्नर ने 14 मार्गों को बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था के लिए चुना है। यह सभी शहर की प्रमुख सड़क हैं और दिन भर जाम की समस्या बनी रहती है। इसी क्रम में गुरुवार दोपहर को एडिशनल सीपी डॉ. विपिन ताडा इन सभी सड़क का निरीक्षण करने निकले थे। इस दौरान पूर्वी जोन द्वितीय के घंटाघर चौराहा पहुंचे तो दंग रह गए। खुद जाम में फंस गए और चौतरफा आटो-टेंपा व ई-रिक्शा की अराजकता देखने को मिली। इस पर उन्होंने चौराहा पर तैनात तीन पुलिस कर्मियों को फौरन लाइन हाजिर कर दिया। इससे पहले भी एडिशनल सीपी ने कई बार घंटाघर चौराहे का निरीक्षण कर जोन के ट्राफिक इंस्पेक्टर, थाना प्रभारियों, चौंकी प्रभारियो को ई-रिक्शा, ऑटो व अन्य वाहनों के तितर-बितर खड़े होने से रोकने अतिक्रमण हटाने एवं वाहनों को सही तारीके से पार्किंग करा घंटाघर चोराहे को जाम मुक्त करने का आदेश दिया था, इसके बाद दोबारा गुरुवार को औचक निरीक्षण में हालत पहले से ज्यादा खराब मिले तो उन्होंने सख्त एक्शन लेते हुए जोन के ट्रैफिक इंस्पेक्टर-रविन्द्र कुमार सिंह, चौकी इंचार्ज (सुतरखाना)- सुमित कुमार, चौकी इंचार्ज (नयागंज)- कामेश राज, को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार को पूरे मामले की जानकारी दी। जिम्मेदार थानेदार व अफसरों को ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनाए रखने का आदेश दिया है।


